उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान की नापजोख और अवैध कब्जों को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। लगभग आठ बीघा क्षेत्रफल वाले इस कब्रिस्तान के आसपास की जमीन की राजस्व विभाग द्वारा माप कराने के बाद अवैध निर्माणों और कब्जों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। संवेदनशील माहौल को देखते हुए पूरा इलाका हाई अलर्ट पर रखा गया है और जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार, जामा मस्जिद से सटे इस कब्रिस्तान के आसपास लंबे समय से अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद राजस्व विभाग ने सीमांकन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया। मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को राजस्व टीम मौके पर पहुंचकर कब्रिस्तान की ज़मीन की नापजोख करेगी और यह देखा जाएगा कि किस हिस्से पर कब्रिस्तान की मूल ज़मीन है और कहां अवैध अतिक्रमण किया गया है। माप पूरी होने के बाद प्रशासन अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई करेगा, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी काफ़ी चर्चा है।
कब्रिस्तान के शाही जामा मस्जिद के नज़दीक होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाके में रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स (RRF), पीएसी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ भारी संख्या में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की अफवाह या तनावपूर्ण हालात से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल ड्यूटी पर लगाया गया है और सभी थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
एएसपी (नॉर्थ) स्तर के अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 9 थानों के SHO, 3 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी, PAC की एक कंपनी और RRF की एक कंपनी मौके पर मौजूद रहेगी। सुरक्षा रणनीति के तहत परेड और फ्लैग मार्च जैसी गतिविधियों के ज़रिए भी लोगों में भरोसा बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना की आशंका कम हो सके। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई केवल अवैध कब्जों के खिलाफ है, किसी समुदाय या धार्मिक स्थल के विरुद्ध नहीं।
प्रशासन ने ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए भी पूरे इलाके की निगरानी का बंदोबस्त किया है, खासकर उन गलियों और छतों पर नजर रखी जा रही है जहां से भीड़ जमा होने या पत्थरबाजी जैसी आशंकाएं हो सकती हैं। चुस्त मॉनिटरिंग के तहत नियंत्रण कक्ष से लगातार लाइव फीड ली जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत बल की तैनाती बदलने या बढ़ाने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
Corrospondent – Shanwaz Khan



