सीवान:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन प्रक्रिया के दौरान मंगलवार को सीवान में बड़ा राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। दरौली विधानसभा सीट से महागठबंधन के प्रत्याशी और मौजूदा विधायक सत्यदेव राम को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई से समाहरणालय परिसर में अफरातफरी और नारेबाजी का माहौल बन गया।
🔹 क्यों हुई गिरफ्तारी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सत्यदेव राम की गिरफ्तारी एक 20 साल पुराने रेलवे मामले से जुड़ी है।
वर्ष 2005 में दरौंदा रेलवे स्टेशन पर हुए रेल रोको आंदोलन में बिना अनुमति भाग लेने को लेकर रेलवे थाना कांड संख्या 36/2005 दर्ज किया गया था। इस केस में सोनपुर रेलवे कोर्ट के एसीजेएम ने स्थायी वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर नगर थाना पुलिस ने विधायक को हिरासत में लिया।
🔹 विधायक का बयान
गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में सत्यदेव राम ने कहा —
“मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। मैं सिर्फ नामांकन दाखिल करने आया था। नामांकन के बाद जैसे ही बाहर निकला, पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के मुझे हिरासत में ले लिया।”
वहीं, सीवान के एसपी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि —
“यह कार्रवाई कोर्ट से जारी स्थायी वारंट के अनुपालन में की गई है। विधायक को न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा।”
🔹 राजनीतिक माहौल गरमाया
घटना के बाद सीवान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
महागठबंधन समर्थकों ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है, जबकि प्रशासन ने कहा कि यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन है।
नामांकन प्रक्रिया के बीच विधायक की गिरफ्तारी ने सियासी पारा बढ़ा दिया है, और अब यह मामला चुनावी चर्चा का केंद्र बन गया है।



