बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शुक्रवार (17 अक्टूबर) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बैठक हुई, जिसमें चुनाव तैयारियों और सीट बंटवारे पर चर्चा हुई।
हालांकि एनडीए में पहले ही सीटों का बंटवारा तय हो चुका है — बीजेपी और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि चिराग पासवान की लोजपा (राम विलास) को 29 सीटें और जीतन राम मांझी की हम तथा उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को 6-6 सीटें दी गई हैं। सीट बंटवारे के बाद कुछ दलों ने नाराजगी भी जताई थी, जिसे सुलझाने के लिए शाह ने खुद हस्तक्षेप किया।
सीएम फेस पर अब भी असमंजस
हालांकि अमित शाह ने साफ कहा है कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर अब भी सस्पेंस बरकरार है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार चाहते हैं कि बीजेपी सार्वजनिक रूप से उन्हें सीएम फेस घोषित करे, लेकिन पार्टी इस पर फिलहाल चुप है।
हाल ही में एक इंटरव्यू में जब अमित शाह से पूछा गया कि अगर एनडीए को बहुमत मिला तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा, तो उन्होंने जवाब दिया — “यह फैसला सभी गठबंधन दल मिलकर करेंगे।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
दो चरणों में होगा मतदान
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे — पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को होगी। नीतीश कुमार के साथ बैठक के बाद अमित शाह का यह दौरा बिहार में एनडीए की रणनीति को मजबूत करने और सीट बंटवारे के बाद की नाराजगी को शांत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



