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बिहार चुनाव 2025: अमित शाह का महागठबंधन पर प्रहार — ‘तेजस्वी को लालू जैसा CM और राहुल को सोनिया जैसा PM बनाना चाहती हैं विपक्षी पार्टियां’

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी संग्राम अपने चरम पर है। शनिवार (25 अक्टूबर) को केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने बिहारशरीफ और खगड़िया में आयोजित दो विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हुए विपक्षी महागठबंधन पर करारा हमला बोला। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार आज विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्षी दल बिहार को फिर से जंगलराज की ओर धकेलना चाहते हैं।

बिहारशरीफ की सभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय की गौरवगाथा को फिर से जीवित किया है — “जिसे अब सौ बख्तियार खिलजी भी मिटा नहीं सकते।” उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार के कारण ही आज राज्य में दो चरणों में चुनाव संभव हो पा रहे हैं। अगर जनता एक बार फिर एनडीए को मौका देगी, तो अगली बार बिहार में एक ही चरण में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होगा।

शाह ने लालू प्रसाद यादव, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सभी नेता अनुच्छेद 370 हटाने के विरोधी थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने न सिर्फ जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई, बल्कि बिहार को नक्सलवाद और अपराध से भी मुक्त कराया। “अब बिहार में जंगलराज की वापसी नहीं होने देंगे,” उन्होंने कहा।

खगड़िया में आयोजित सभा में अमित शाह ने महागठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “यह चुनाव तय करेगा कि बिहार में विकास रहेगा या फिर जंगलराज लौटेगा।” शाह ने INDIA गठबंधन द्वारा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध करने को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकार हर घुसपैठिए का पता लगाएगी और उन्हें देश से बाहर भेजेगी। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “राहुल बाबा कहते हैं कि घुसपैठियों को बिहार में रहने दिया जाए। आप बताइए, क्या बिहार को घुसपैठियों का अड्डा बनाना चाहिए?”

गृह मंत्री ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा, “यह चुनाव किसी को विधायक या मुख्यमंत्री बनाने का नहीं, बल्कि यह तय करेगा कि बिहार लालू-राबड़ी के जंगलराज की ओर जाएगा या विकसित बिहार बनेगा।”

शाह ने विपक्षी महागठबंधन पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “लालू प्रसाद यादव ने अपने परिवार की समृद्धि पर ध्यान दिया, जबकि नीतीश कुमार ने राज्य के विकास को प्राथमिकता दी। लालू जी अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और सोनिया गांधी अपने बेटे को प्रधानमंत्री, जबकि मोदी और नीतीश केवल जनता की सेवा करना चाहते हैं।”

उन्होंने याद दिलाया कि लालू शासन में हत्या, लूट और अपहरण जैसी घटनाएं आम थीं और उद्योग राज्य से पलायन कर गए थे। “नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को जंगलराज से मुक्त किया गया, नक्सलवाद खत्म हुआ और राज्य विकास की दिशा में बढ़ा,” शाह ने कहा।

जन कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि NDA सरकार ने जीविका समूहों की एक करोड़ महिलाओं के खातों में ₹10,000 की सहायता राशि दी है, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 की गई है और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹3,000 प्रति माह तय किया गया है। उन्होंने कहा, “पटना में मेट्रो का सपना अब साकार हो रहा है — यह मोदी सरकार के विकास मॉडल का उदाहरण है।”

छठ महापर्व की शुभकामनाएं देते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं छठी मइया से प्रार्थना करता हूं कि बिहार सदा जंगलराज से मुक्त रहे, बहन-बेटियां सुरक्षित रहें और राज्य विकास की राह पर लगातार आगे बढ़ता रहे।”

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