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रिजेक्शन के दर्द से टूटीं अहाना कुमरा, सुसाइड के ख्याल तक पहुंचे हालात — आज भी नहीं मिल रहे मजबूत रोल

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फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम पाने के लिए संघर्ष करना किसी कलाकार के लिए आसान नहीं होता। रिजेक्शन, असफलता और उम्मीदों का टूटना कई बार मानसिक रूप से कमजोर कर देता है। ऐसी ही कहानी है 40 साल की एक्ट्रेस अहाना कुमरा की, जिन्होंने हाल ही में अपने संघर्षों और मानसिक स्थिति पर खुलकर बात की।

अहाना ने बताया कि कैसे लगातार रिजेक्शन और करियर में ठहराव के कारण वह इतनी परेशान हो गई थीं कि सुसाइड के ख्याल तक आने लगे थे। 2018 में उन्होंने स्वीकार किया था कि बॉलीवुड से उनका मोहभंग हो गया था। वह ऐसे दौर से गुजर रही थीं जहां उन्हें लगा कि उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा। उन्होंने कहा कि “मैं खुद से सवाल करती थी कि मैं वह क्यों नहीं बन पाई जो मेरे माता-पिता चाहते थे। उस समय मैं गलत लोगों के साथ थी और ऐसे फैसले लिए जिनके लिए मैं तैयार नहीं थी।”

अब, एक नए इंटरव्यू में अहाना ने बताया कि उन्होंने कैसे उस मुश्किल दौर से बाहर निकलने की कोशिश की। उनके मुताबिक, “इससे बाहर निकलने में समय लगा। मैंने बाहरी दुनिया से दूरी बनाई, खुद पर ध्यान दिया और अपने काम को ही सहारा बनाया। मुझे लगता है, मेरे काम ने ही मुझे बचाया।”

उन्होंने आगे बताया कि रिजेक्शन का सामना करते हुए उन्होंने खुद को मजबूत बनाना सीखा। “कई बार लोगों ने कहा कि मैं ‘फिट नहीं’ हूं। शुरुआत में यह बहुत बुरा लगता था, लेकिन अब मैं इसे सहजता से लेती हूं। मैंने खुद के लिए प्लान बी, प्लान सी, यहां तक कि प्लान ज़ेड तक तैयार किए। अगर एक रास्ता बंद हो, तो दूसरा खुलता है — यह सोच मुझे आगे बढ़ाती रही।”

अहाना मानती हैं कि इंडस्ट्री में आज भी हालात बहुत आसान नहीं हैं। “मैं जानती हूं कि मैं एक अच्छी एक्ट्रेस हूं, लेकिन आज भी मुझे अच्छे रोल नहीं मिल रहे। जिन डायरेक्टर्स के साथ मैं काम करना चाहती हूं, वे मेरे साथ काम नहीं कर रहे। फिर भी, मुझे यकीन है कि भविष्य में कुछ अच्छा जरूर होगा।”

अहाना के मुताबिक, उनके जीवन का मंत्र अब है — “कभी हार मत मानो।” वह कहती हैं, “मैंने बहुत कुछ झेला है, लेकिन अब मैं निडर हो गई हूं। मैं नई चीजें आज़माने, नए लोगों से मिलने और अपने दायरे से बाहर निकलने से नहीं डरती। क्योंकि अब मुझे पता है कि ज़िंदगी हमेशा एक मौका और देती है।”

उनकी यह कहानी हर उस कलाकार के लिए प्रेरणा है जो रिजेक्शन और असफलता से जूझ रहा है — कि कठिन समय गुजरता है, बशर्ते आप हार न मानें।

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