Homeखबर भोजपुरिया‘बिहार के CM नीतीश कुमार थे, हैं और रहेंगे…’ गायघाट में JDU...

‘बिहार के CM नीतीश कुमार थे, हैं और रहेंगे…’ गायघाट में JDU का शक्ति प्रदर्शन, कोमल सिंह के जोशीले भाषण ने खींचा ध्यान

8 / 100 SEO Score

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गायघाट विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। मंच से उन्होंने जेडीयू प्रत्याशी कोमल सिंह के लिए जनता से समर्थन मांगा। इस दौरान कोमल सिंह का जोश और भावनाओं से भरा भाषण चर्चा का विषय बन गया।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कोमल सिंह ने मशहूर फिल्मी डायलॉग को राजनीतिक अंदाज़ में दोहराया —
“हिंदुस्तान जिंदाबाद था, हिंदुस्तान जिंदाबाद है और हिंदुस्तान जिंदाबाद रहेगा… उसी तरह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी थे, हैं और रहेंगे।”

इस नारे ने सभा में मौजूद भीड़ से ज़ोरदार तालियां बटोरीं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहारियों की पहचान और शान हैं, जिन्होंने हर वर्ग के विकास के लिए काम किया है।

भावुक लहजे में कोमल सिंह ने कहा, “मेरे पिता हमेशा कहते थे कि नेता की सबसे बड़ी पूंजी जनता होती है। आज इस भीषण गर्मी में जो प्यार और आशीर्वाद आप सबने मुझे दिया है, उसके लिए मैं सिर झुकाकर धन्यवाद देती हूं।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि तीर निशान पर वोट देना केवल मुझे नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी जैसे नेताओं के हाथों को मजबूत करने जैसा होगा।

महागठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 तक की सरकारों ने बिहार को पिछड़ेपन की ओर धकेल दिया। उन्होंने कहा, “पिछले 10 सालों से गायघाट में एनडीए का विधायक नहीं होने से विकास रुक गया, लेकिन अब जनता बदलाव चाहती है।”

जात-पात की राजनीति पर प्रहार करते हुए कोमल सिंह ने कहा, “जब हम बिहार से बाहर जाते हैं, कोई नहीं पूछता कि हम किस जाति या धर्म से हैं। वहां सिर्फ पूछा जाता है — आप कहां के हैं? और हम गर्व से कहते हैं — हम बिहारी हैं।”

उन्होंने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा, “बिहार का जात भी बिहारी है, धर्म भी बिहारी है और पहचान भी बिहारी।” इसलिए वोट बिहार के विकास और एकता के नाम पर देना चाहिए, न कि किसी जातीय समीकरण के आधार पर।

महागठबंधन को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, “जब वो नेता आपके बीच आएं, तो उनसे पूछिए — क्या वे फिर से वही 90 का दशक लौटाना चाहते हैं?”
उन्होंने दावा किया कि “इस बार जनता एनडीए के साथ है, और तीर निशान पर वोट पड़ते ही महागठबंधन का सिर झुक जाएगा।”

कोमल सिंह के इस दमदार भाषण ने गायघाट की चुनावी हवा में नया जोश भर दिया और सभा में मौजूद समर्थक लंबे समय तक ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारों से गूंजते रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments