नई दिल्ली:
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने एक बार फिर अपने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर बड़ा बयान दिया है।
रॉयटर्स से बातचीत में हसीना ने कहा कि वे इस समय “दिल्ली में स्वतंत्र रूप से रह रही हैं”, लेकिन तब तक बांग्लादेश नहीं लौटेंगी जब तक वहां वैध और संवैधानिक सरकार नहीं बन जाती।
उन्होंने साफ कहा — “हम अवामी लीग के समर्थकों से किसी दूसरी पार्टी को वोट देने के लिए नहीं कह रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हमें चुनाव में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।”
भारत में रह रहीं हैं अगस्त 2024 से
शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। उनके देश में इस वक्त मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार सत्ता में है, जिसने हसीना को सत्ता से बेदखल करने के बाद शासन संभाला था।
यूनुस सरकार ने घोषणा की है कि फरवरी 2026 में आम चुनाव कराए जाएंगे।
‘अवामी लीग पर प्रतिबंध अन्यायपूर्ण और आत्मघाती’
ईमेल के ज़रिए दिए गए जवाब में शेख हसीना ने कहा —
“अवामी लीग पर लगाया गया प्रतिबंध न सिर्फ अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह बांग्लादेश की राजनीति के लिए आत्मघाती कदम है।”
लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद 2024 में हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। यह उनका निर्वासन के बाद का पहला औपचारिक मीडिया बयान है।
मतदाताओं के बहिष्कार की चेतावनी
हसीना ने कहा कि उनकी पार्टी के लाखों समर्थक चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
उनके अनुसार, “अगर देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम रखनी है, तो करोड़ों मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।”
चुनाव आयोग ने रद्द किया अवामी लीग का पंजीकरण
बांग्लादेश चुनाव आयोग ने मई 2025 में अवामी लीग का पंजीकरण निलंबित कर दिया था।
यूनुस सरकार ने इस फैसले को देश की सुरक्षा से जुड़ा कदम बताते हुए पार्टी पर युद्ध अपराधों की जांच का हवाला दिया।
इस प्रतिबंध के बाद अवामी लीग के सभी राजनीतिक कार्यक्रम और रैलियों पर रोक लगा दी गई थी।
‘घर लौटूंगी, जब सरकार वैध होगी’
शेख हसीना ने यह भी कहा कि वह भारत में रहते हुए पूरी तरह आज़ाद हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर सतर्क रहती हैं।
उन्होंने कहा —
“मैं अपने देश लौटना चाहती हूं, लेकिन तभी जब वहां की सरकार वैध हो और संविधान का सम्मान करे।”
निष्कर्ष:
शेख हसीना के इस बयान ने बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल मचा दी है।
जहां यूनुस सरकार फरवरी में चुनाव कराने की तैयारी में है, वहीं हसीना के बयान से यह साफ है कि अवामी लीग की वापसी और बांग्लादेश की सत्ता का समीकरण अभी अधर में है।



