बांग्लादेश की राजनीति इस समय उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मामले में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) अपना फैसला सुनाने वाला है। फैसले से पहले राजधानी ढाका समेत पूरे देश में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने सभी जिलों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा है।
आवामी लीग ने फैसले से पहले देशभर में “पूर्ण बंद” की घोषणा की है। हालांकि, मौजूदा यूनुस सरकार ने पार्टी की सभी गतिविधियों पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद, समर्थकों में आक्रोश देखा जा रहा है। हालात को देखते हुए ढाका पुलिस आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जाद अली ने निर्देश दिए हैं कि हिंसा फैलाने या पुलिस पर हमला करने वालों पर गोली चलाने में हिचकिचाहट न बरती जाए।
रविवार रात हालात और बिगड़ गए जब राजधानी के कई इलाकों में देसी बम धमाकों की घटनाएं हुईं। करवान बाजार और गुलशन इलाके में धमाकों से दहशत फैल गई, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस बीच, एक कथित ऑडियो संदेश सामने आया है जिसमें शेख हसीना अपने समर्थकों से “आंदोलन तेज करने” की अपील करती सुनी गईं।
ICT जिस मामले का फैसला सुनाने वाला है, वह पिछले साल जुलाई-अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है। उस दौरान हिंसा में दर्जनों लोगों की जान गई थी। आरोप है कि हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन ने स्थिति को संभालने के बजाए ऐसे कदम उठाए जिनसे हिंसा और बढ़ी। अदालत ने इस मामले की सुनवाई 23 अक्टूबर 2025 को पूरी की थी।
फैसले से पहले बांग्लादेश में तनाव अपने चरम पर है। कई शहरों में सड़कें सुनसान हैं, बाजार बंद हैं और लोग घरों में दुबके हुए हैं। सरकार ने इंटरनेट पर बारीकी से निगरानी रखी है ताकि अफवाहें न फैलें।
शेख हसीना ने अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि यह सारा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। देश में लोग अब फैसले पर निगाहें टिकाए हुए हैं, जो बांग्लादेश की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
Correspondent – Shanwaz Khan



