देश के कई राज्यों में चल रही विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच, आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर SIR की प्रक्रिया में उठी समस्याओं को गंभीरता से उठाया है। महासंघ ने चुनाव आयोग पर यह आरोप लगाया है कि SIR की प्रक्रिया को लेकर आम जनता और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को पर्याप्त जागरूक नहीं किया गया है, जिससे दोनों वर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ABRSM ने SIR की समय सीमा को बढ़ाए जाने की मांग की है, क्योंकि इतने कम समय में इस प्रक्रिया को पूरा करना अव्यवहारिक और दबावपूर्ण है। संगठन ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कई मुख्य मांगें रखी हैं। इनमें SIR की अंतिम तिथि को बढ़ाने, BLO शिक्षकों को अतिरिक्त मानदेय देने, तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने, अधिकारियों द्वारा धमकी या उत्पीड़न से बचाने और दुर्गम क्षेत्रों में अतिरिक्त BLO की तैनाती जैसी मांगें शामिल हैं।
इसके साथ ही, संगठन ने उन BLO शिक्षकों के परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है, जिनका इस प्रक्रिया के दौरान असामयिक निधन या आत्महत्या हुई है। संगठन ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ABRSM ने यह भी आरोप लगाया है कि बीएलओ शिक्षकों के साथ अधिकारियों द्वारा अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है, जो न सिर्फ उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है बल्कि उन्हें मानसिक दबाव में भी डाल रहा है। तकनीकी सुविधाओं की कमी, बार-बार एप और पोर्टल के क्रैश होने, नेटवर्क की समस्या और ऑनलाइन सत्यापन में आ रही दिक्कतों को भी उजागर किया गया है। संगठन का कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक संस्थानों के नैतिक मानदंडों के खिलाफ है।
संगठन के महासचिव प्रोफेसर गीता भट्ट ने कहा कि उम्मीद है चुनाव आयोग इस पत्र को गंभीरता से लेगा और उठाई गई समस्याओं पर तुरंत ध्यान देगा। उन्होंने आशा जताई कि SIR की समय सीमा बढ़ाई जाएगी और BLO शिक्षकों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
इस पत्र के बाद SIR को लेकर राजनीतिक बहस और गरमा गई है। अब यह देखना होगा कि चुनाव आयोग कितनी गंभीरता से इन मांगों पर विचार करता है और BLO शिक्षकों की चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
Correspondent – Shanwaz Khan



