भारत के विमानन सेक्टर में एक बड़ा तकनीकी फेरबदल देखने को मिला है, जब एयरबस A320 परिवार के 338 विमानों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के निर्देश पर अनिवार्य सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपग्रेड के लिए ग्राउंड कर दिया गया. यह कदम यूरोपीय एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) और एयरबस द्वारा जारी अनिवार्य तकनीकी निर्देश के बाद उठाया गया, जिसका उद्देश्य उड़ान सुरक्षा को मजबूत करना है.
अपग्रेड की आवश्यकता
A320 सीरीज़ के विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट और कुछ मामलों में हार्डवेयर बदलाव की जरूरत थी, ताकि तकनीकी खामियों और भविष्य में होने वाले जोखिमों को दूर किया जा सके. इस अपडेट के बिना कोई भी A320 विमान उड़ान नहीं भर सकता था, जिससे देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई—पर भारी दबाव पड़ा.
फ्लाइट संचालन पर प्रभाव
इंडिगो, एयर इंडिया और विस्तारा जैसी कंपनियों के बेड़े में ये विमान बड़ी संख्या में मौजूद हैं, जिससे उनकी उड़ानों में देरी और शेड्यूल गड़बड़ी देखने को मिली. एयरलाइंस को निर्देश आधी रात के करीब मिला, इसलिए सुबह की उड़ानों के लिए तैयारी नहीं हो पाई. अधिकारियों का कहना है कि अब तक कोई उड़ान सीधे तौर पर रद्द नहीं की गई है, लेकिन कई सेक्टरों पर 60-90 मिनट की देरी अनिवार्य हुई है.
एयर इंडिया की स्थिति
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि उनके इंजीनियर लगातार काम कर रहे हैं और बेड़े का बड़ा हिस्सा पहले ही अपडेट किया जा चुका है. कंपनी का दावा है कि शेड्यूल में बड़े पैमाने पर कोई बदलाव नहीं किया गया है और किसी उड़ान को सीधे तौर पर रद्द नहीं किया गया है.
DGCA के सख्त निर्देश
DGCA ने एयरलाइंस को साफ आदेश दिया है कि बिना अपडेट पूरा किए कोई भी A320 विमान उड़ान नहीं भरेगा. इस नियम में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जा सकती, क्योंकि यह सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है. एजेंसी ने एयरलाइंस को जल्द से जल्द पूरी प्रक्रिया खत्म करने को कहा है, जिससे सामान्य संचालन फिर से बहाल किया जा सके.
Correspondent – Shanwaz Khan



