Piyush Dhar Diwedi/Parliment
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने संसद में पालतू कुत्ता लेकर पहुंचकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। शीतकालीन सत्र के पहले दिन (1 दिसंबर, सोमवार) उनका यह कदम हलकों में खूब चर्चा का विषय बना। वे अपनी गाड़ी में अपने पालतू कुत्ते को लेकर संसद परिसर में आईं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बीजेपी ने इस मामले को संसद की गरिमा का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आलोचना की और रेणुका चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस घटना पर जब मीडिया ने प्रश्न किया, तो रेणुका ने साफ कहा कि इसे अनावश्यक तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इसमें क्या समस्या है? यह जानवर छोटा है और काटने वाला नहीं है। संसद में काटने वाले इंसान भी हैं।” उनका यह बयान और विवाद को और बढ़ा गया।
रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विपक्ष पर किए गए विवादित बयान का भी जवाब दिया। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार सत्र के मुद्दों को लेकर गंभीर थी तो एक महीने का सत्र क्यों घटाकर मात्र पंद्रह दिन कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सत्र में कम मुद्दे नहीं थे, इसलिए सरकार को विपक्ष के मुद्दे उठाने से डरना नहीं चाहिए।
बीजेपी के सांसद जगदंबिका पाल ने रेणुका चौधरी पर संसद के नियमों और विशेषाधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद चिंता और गंभीर चर्चा का स्थान है, न कि ऐसी हरकतों का प्रदर्शन स्थल। उन्होंने इस कदम को “लोकोत्तर आचरण” बताते हुए कहा कि रेणुका ने संसद की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। पाल ने कहा, “अपने डॉग को लेकर संसद पहुंचना और इस प्रकार के बयान देना लोकतंत्र का अपमान है। इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
इस विवाद ने संसद की गरिमा, सांसदों के आचरण और राजनीतिक दलों के बीच चल रहे टकराव पर नया चर्चित सवाल खड़ा कर दिया है।



