दिल्ली सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। मौजूदा ईवी पॉलिसी 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है, जिसके बाद यह नई पॉलिसी नए साल से लागू हो सकती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक बुलाई है, जिसमें अंतिम चर्चा के बाद पॉलिसी का ड्राफ्ट जनता के सुझावों के लिए जारी किया जाएगा। इस नई पॉलिसी का उद्देश्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, प्रदूषण कम करना और शहर के ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार लाना है।
नई पॉलिसी में तीन मुख्य क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है। पहला, बैटरी रीसाइक्लिंग व्यवस्था। ईवी की बैटरी लगभग 8 साल तक चलती है, इसके बाद उसकी सुरक्षित निपटान और रीसाइक्लिंग एक चुनौती होती है। दिल्ली सरकार इस बार पहली बार पूरी तरह से बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करने की योजना बना रही है, जिसमें बैटरी जमा करने से लेकर उनका पर्यावरण के लिए सुरक्षित रीसाइक्लिंग तक का प्रावधान होगा। यह कदम ई-वेस्ट के प्रबंधन और टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
दूसरा और सबसे बड़ा फोकस सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। सरकार ने यह लक्ष्य रखा है कि 2030 तक दिल्ली में 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें हर स्टेशन पर 4-5 चार्जिंग पॉइंट होंगे। ये स्टेशन बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टी-लेवल पार्किंग, रिहायशी सोसायटीज (RWAs), सरकारी दफ्तरों और मुख्य मार्गों के किनारे लगेंगे। सरकार का मानना है कि अगर चार्जिंग की सुविधा तेज और विश्वसनीय होगी, तो ज्यादा लोग ईवी खरीदने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ेगी और प्रदूषण घटेगा।
तीसरा अहम प्रावधान है लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए नई छोटी ईवी वैन की शुरुआत। इन 7 सवारी और एक ड्राइवर वाले इलेक्ट्रिक वैन को खासकर उन संकरे इलाकों में चलाया जाएगा, जहाँ बड़ी बसें नहीं जा पातीं, जैसे कॉलोनियों की गली, बाजार और मेट्रो स्टेशन के आसपास के क्षेत्र। इस प्रकार यह छोटे क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाएगा। इसके अलावा ई-रिक्शा के लिए भी विशेष रूट निर्धारित किए जा रहे हैं, जिससे इनके संचालन को संगठित और सुविधाजनक बनाया जा सके।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि नई पॉलिसी से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि ईवी सेक्टर में निवेश, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी रीसाइक्लिंग की पूरी व्यवस्था से शहर में स्वच्छ ऊर्जा का बढ़ावा मिलेगा और आम नागरिकों की यात्रा व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
दिल्ली की यह नई ईवी पॉलिसी 2.0 शहर को स्मार्ट और ग्रीन बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ दिल्लीवासियों के लिए सफर करना अधिक आसान, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल होगा।
Delhi / Piyush Dhar Diwedi



