ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रविवार (14 दिसंबर 2025) को हुए भयानक आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। बोंडी बीच पर यहूदी पर्व हनुक्का के आयोजन के दौरान हुई गोलीबारी में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 42 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इसे ऑस्ट्रेलिया के इतिहास का सबसे बड़ा यहूदी-विरोधी हमला घोषित किया है। हमलावरों की पहचान 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम के रूप में हुई है। साजिद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नवीद पुलिस हिरासत में है।
‘टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों की मां वेरेना अकरम ने मीडिया से बातचीत में आंसुओं के बीच कहा, “मुझे यकीन नहीं हो रहा कि उसने ऐसा आतंकी हमला किया है। मेरा बेटा बहुत अच्छा है। वह न शराब पीता है, न धूम्रपान करता है। कभी गलत संगत में भी नहीं रहा।” उन्होंने आगे बताया कि नवीद राजमिस्त्री का काम करता था, लेकिन हाल में बेरोजगार था। साजिद फल बेचने का धंधा चलाता था। घटना से पहले बाप-बेटे ने घरवालों को कहा था कि वे मछली पकड़ने जा रहे हैं। वेरेना का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां लोग मां के दर्द पर सहानुभूति जता रहे हैं।
पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच तेज
ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के पीछे पाकिस्तानी एंगल खंगाल रही हैं, क्योंकि हमलावर मूल रूप से पाकिस्तान के हैं। एक इस्लामिक सेंटर के सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला कि नवीद ने 2022 में अल-मुराद इस्लामिक इंस्टीट्यूट से धार्मिक पढ़ाई पूरी की थी। संस्थान के प्रमुख एडम इस्माइल ने पत्रकारों के सवालों से इनकार कर दिया। ‘डेली मेल’ के मुताबिक, पुलिस आरोपियों के घर जांच के लिए पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया और जांच रोकने की कोशिश की। एपी न्यूज की रिपोर्ट में हमले को हनुक्का उत्सव के खिलाफ सुनियोजित करार दिया गया है।
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश इस तरह के कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा। जांच जारी है, और पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि होने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते धार्मिक तनाव को उजागर करती है।
| Correspondent – Shanwaz khan |



