हेडलाइन:
‘2026 में प्रचंड बहुमत से बंगाल में बनाएंगे सरकार…’ अमित शाह की कोलकाता प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा राजनीतिक ऐलान
केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार अमित शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का विज़न और सियासी मुकाबले की रूपरेखा साफ कर दी। उन्होंने दावा किया कि 15 अप्रैल 2026 के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और पार्टी दो-तिहाई से भी अधिक बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।
ऐतिहासिक संदर्भ और बंगाल का महत्व
अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत 1943 की ऐतिहासिक घटना की याद दिलाते हुए की, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था, जिसे उन्होंने हर भारतीय के लिए गर्व का दिन बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि देश के पुनर्जागरण, संस्कृति और राष्ट्रवाद की धुरी है, इसलिए भाजपा के लिए भी यह चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है।
टीएमसी सरकार पर हमला और 2026 की भविष्यवाणी
शाह ने आरोप लगाया कि पिछले 15 साल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन ने बंगाल की पहचान भय, भ्रष्टाचार और कुशासन से जोड़ दी है, जिससे आम जनता असुरक्षा और आतंक का अनुभव कर रही है। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव तक का समय तय करेगा कि बंगाल भयमुक्त, पारदर्शी और विकासमुखी शासन चुनेगा या नहीं, और दावा किया कि जनता अब बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
भाजपा की चुनावी ताकत और वोट शेयर के आंकड़े
अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के पिछले चुनावी प्रदर्शन का विस्तृत ज़िक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने बंगाल में लगातार अपना जनाधार मजबूत किया है।
- 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 17 प्रतिशत वोट और 2 सीटें मिलीं।
- 2016/2017 के आसपास के विधानसभा चुनावों में वोट शेयर बढ़कर करीब 10 प्रतिशत और सीटें 3 तक पहुंचीं।
- 2019 लोकसभा और 2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी और टीएमसी के मुकाबले सीधी लड़ाई में आ गई।
- 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 39 प्रतिशत वोट और 12 सीटें हासिल हुईं, जिसे शाह ने 2026 की निर्णायक जीत की नींव बताया।
शाह ने भरोसा जताया कि इस बढ़ते वोट शेयर और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर भाजपा 2026 में दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
घुसपैठ, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन
अमित शाह ने बंगाल में अवैध घुसपैठ को सबसे बड़ा सुरक्षा और जनसांख्यिकीय खतरा बताते हुए टीएमसी सरकार पर इस मुद्दे पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल की सीमा से हो रही अवैध आवाजाही अब केवल राज्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, संस्कृति और सामाजिक संतुलन का विषय बन गई है, जिसे रोकने की क्षमता केवल भाजपा सरकार में है। शाह ने प्रस्ताव रखा कि भाजपा की सरकार बनने पर सीमावर्ती इलाकों में विशेष ग्रिड और मजबूत तंत्र बनाया जाएगा और घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर किया जाएगा।
भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण योजनाएं
शाह ने ममता सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में “सिंडिकेट राज” चल रहा है, जहां हर स्तर पर कमाई में हिस्सेदारी और टोलबाजी ने विकास कार्यों को पंगु बना दिया है।
- उन्होंने कहा कि मंत्रियों और नेताओं के ठिकानों से करोड़ों रुपये बरामद होने के बावजूद कोई वास्तविक जवाबदेही तय नहीं हुई।
- महिलाओं की सुरक्षा को उन्होंने बड़ा मुद्दा बनाते हुए कहा कि माताएं, बहनें और बेटियां डर के माहौल से तंग आ चुकी हैं और विपक्षी कार्यकर्ताओं व आम नागरिकों पर राजनीतिक हिंसा ने लोकतंत्र को चोट पहुंचाई है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि केंद्र की अनेक योजनाएं, खासकर गरीबों के लिए स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं, बंगाल में पूर्ण रूप से लागू नहीं की गईं और राज्य सरकार की राजनीति के कारण लाभार्थियों तक मदद नहीं पहुंच पाई।
अर्थव्यवस्था, पुनर्जागरण और भाजपा का विज़न
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाह ने दावा किया कि भ्रष्टाचार, घुसपैठ और टोलबाजी के कारण बंगाल का जीडीपी योगदान राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थानों से खिसककर काफी नीचे चला गया है, जिससे उद्योग, निवेश और रोजगार पर बुरा असर पड़ा। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 2026 के बाद भाजपा सरकार बनने पर “बंगाल पुनर्जागरण” की शुरुआत होगी, जिसमें विवेकानंद, बंकिमचंद्र, रवींद्रनाथ टैगोर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों वाला समृद्ध और आत्मविश्वासी बंगाल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
अमित शाह ने वादा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर तेज़ विकास, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई, सीमा सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी, और इसी एजेंडे पर 2026 में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
Corrospondent – Shanwaz Khan



