भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टेस्ट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को हटाने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर साफ कर दिया है कि निकट भविष्य में कोचिंग सेटअप में किसी बदलाव की योजना नहीं है। मीडिया में चल रही उन रिपोर्ट्स पर बोर्ड ने सख्त प्रतिक्रिया दी है जिनमें दावा किया जा रहा था कि खराब टेस्ट नतीजों के बाद गंभीर की जगह नए कोच की तलाश की जा रही है और इस रेस में पूर्व बल्लेबाज़ वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। BCCI के शीर्ष अधिकारियों ने इन खबरों को बेबुनियाद अफवाह बताते हुए कहा है कि बोर्ड गंभीर के साथ खड़ा है और टीम मैनेजमेंट पर उनका भरोसा बरकरार है।
राजीव शुक्ला ने किया स्थिति स्पष्ट
BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में साफ कहा कि गौतम गंभीर को हटाने की कोई चर्चा न बोर्ड की बैठकों में हुई है और न ही अनौपचारिक स्तर पर इस तरह का कोई प्रस्ताव सामने आया है। उनके अनुसार, मीडिया में चल रही अटकलों का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है और इन्हें महज कल्पनात्मक रिपोर्टिंग माना जाना चाहिए। शुक्ला ने दोहराया कि बोर्ड फिलहाल मौजूदा कोचिंग टीम पर भरोसा रखता है और गंभीर को टेस्ट टीम के साथ अपना काम जारी रखने के लिए पूरा समर्थन दिया जा रहा है।
सचिव देवजीत सैकिया ने भी अफवाहें खारिज कीं
उपाध्यक्ष के बयान से पहले BCCI सचिव देवजीत सैकिया भी इन खबरों पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं और उन्होंने सीधे शब्दों में इन्हें “पूरी तरह काल्पनिक” करार दिया था। सैकिया ने स्पष्ट किया था कि टेस्ट टीम के कोच को लेकर बोर्ड की तरफ से न तो कोई औपचारिक पहल की गई है और न ही बदलाव पर आंतरिक विचार-विमर्श किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चयन, प्रदर्शन समीक्षा और दीर्घकालिक योजना को लेकर बोर्ड की एक तय प्रक्रिया है और मीडिया रिपोर्ट्स उस प्रक्रिया से इतर अनुमान पर आधारित हैं।
टेस्ट नतीजों से बढ़ीं थीं चर्चाएं
हाल के महीनों में भारत को टेस्ट क्रिकेट में एक के बाद एक झटके झेलने पड़े हैं, जिसके बाद टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को लेकर सवाल उठने लगे थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़ में 0-3 की हार ने आलोचकों को खुलकर बोलने का मौका दिया, क्योंकि घर में भारत इतने बड़े अंतर से बहुत कम हारता है। इसके तुरंत बाद साउथ अफ्रीका में 0-2 से क्लीन स्वीप ने दबाव और बढ़ा दिया, जिससे ना सिर्फ टीम की मौजूदा फॉर्म पर सवाल उठे बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की राह भी कठिन हो गई। इन्हीं नतीजों के बाद यह चर्चा तेज हुई कि बोर्ड कोच बदलने के विकल्प पर विचार कर रहा है, लेकिन BCCI ने साफ कर दिया कि केवल कुछ खराब सीरीज़ के आधार पर अचानक फैसले नहीं लिए जाएंगे।
फिलहाल प्राथमिकता T20 वर्ल्ड कप
टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियों के बीच अब बोर्ड और टीम मैनेजमेंट का फोकस आगामी T20 वर्ल्ड कप पर शिफ्ट हो चुका है, जो फरवरी से शुरू होना है। भारत मौजूदा चैंपियन के रूप में मैदान में उतरेगा, इसलिए गंभीर और बाकी सपोर्ट स्टाफ पर खिताब बचाने की अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। इस बार बड़ी बात यह है कि टीम रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी स्तंभों के बिना खेलेगी और कमान सूर्यकुमार यादव संभालेंगे, ऐसे में रणनीति, बैटिंग ऑर्डर और टीम कॉम्बिनेशन को लेकर निर्णायक फैसले कोच पर और अधिक निर्भर होंगे। घरेलू परिस्थितियों में युवा खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है और बोर्ड मानता है कि गौतम गंभीर का आक्रामक और स्पष्ट सोच वाला कोचिंग स्टाइल इस अभियान में टीम के लिए बड़ा प्लस साबित हो सकता है।
गंभीर की भूमिका और आगे की चुनौतियां
गौतम गंभीर पर एक ओर टेस्ट टीम के प्रदर्शन में सुधार की जिम्मेदारी होगी, वहीं दूसरी ओर टी20 फॉर्मेट में निरंतरता बनाए रखना भी उनके लिए बड़ी चुनौती है। बल्लेबाज़ी क्रम को स्थिर करना, स्पिन और pace attack का सही संयोजन खोजना और मानसिक रूप से युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच के लिए तैयार करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। BCCI का ताज़ा रुख यह संदेश देता है कि बोर्ड किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले अस्थिरता नहीं लाना चाहता और कोचिंग स्टाफ को पर्याप्त समय देकर दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ना चाह रहा है।
Corrospondent – Shanwaz Khan



