नई दिल्ली/कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदभार संभालते ही आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में कमर कस ली है। 27 जनवरी 2026 को वे पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे, जहां पार्टी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। यह उनका अध्यक्ष बनने के बाद पहला बड़ा राज्य दौरा होगा, जो ‘मिशन बंगाल’ को नई गति देने का संकेत देता है।
नितिन नवीन ने मंगलवार (20 जनवरी 2026) को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण की। इससे पहले ही वे बंगाल बीजेपी के शीर्ष नेताओं के संपर्क में थे। नामांकन दाखिल करने के बाद सोमवार रात उन्होंने राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, बालुरघाट सांसद सुकांत मजूमदार, वरिष्ठ नेता अमिताभ चक्रवर्ती, सुनील बंसल, मंगल पांडे और अमित मालवीय से मुलाकात की। इन चर्चाओं में राज्य संगठन की मजबूती और चुनावी चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ।
27 जनवरी के दौरे में नितिन नवीन राज्य के सभी स्तरों के नेताओं से मिलेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की वर्तमान स्थिति का आकलन करना, कार्यकर्ताओं की सक्रियता जांचना और चुनावी रणनीति को मजबूत बनाना होगा। विशेष रूप से चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पर फोकस रहेगा, जो मतदाता सूची के संशोधन से जुड़ा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए व्यापक योजना तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सनातन परंपराओं की रक्षा, जनसांख्यिकीय परिवर्तनों को रोकने और जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस दौरे पर तीखा प्रहार किया। वरिष्ठ नेता जॉय प्रकाश मजूमदार ने कहा, ‘बीजेपी के केंद्रीय नेता पहले भी आए, लेकिन बंगाल की जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया। जेपी नड्डा ने भी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन समीक्षा के नाम पर दो बार आने की बात कही, लेकिन हकीकत समझते ही दौरा बंद कर दिया। नितिन नवीन का दौरा भी चुनावी हार का पूर्वाभास ही है।’ टीएमसी का दावा है कि राज्य में उनकी पकड़ मजबूत है और बीजेपी का कोई असर नहीं पड़ेगा।
बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन टीएमसी ने 213 सीटों पर कब्जा जमाया। नितिन नवीन का यह दौरा पार्टी को नई ऊर्जा दे सकता है, खासकर युवा नेतृत्व के साथ। विशेषज्ञों का मानना है कि SIR अभियान और संगठनात्मक सुधार से बीजेपी की स्थिति मजबूत हो सकती है। नितिन नवीन का बंगाल फोकस अन्य चार राज्यों—बिहार, असम, तमिलनाडु और केरल—की रणनीति को भी प्रभावित करेगा।
Correspondent – Shanwaz khan



