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इंदौर दूषित पानी कांड: 17 मौतें, आंकड़े छिपाने का आरोप—राहुल गांधी का अचानक दौरा, सरकार पर बोला हमला

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इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से फैली महामारी ने शहर को हिलाकर रख दिया है। भागीरथपुरा क्षेत्र में सीवेज का गंदा पानी नर्मदा जल लाइन में मिलने से उल्टी-दस्त की खतरनाक बीमारी फैली, जिसमें अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। विपक्ष ने सरकार पर मौतों के आंकड़े छिपाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 21 जनवरी 2026 को इंदौर का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और बीजेपी सरकार को घेरा।

भागीरथपुरा में हाहाकार: पुलिस चौकी के पास लीकेज से तबाही
स्वच्छता में नंबर 1 इंदौर का यह इलाका दूषित पानी का शिकार बना। पुलिस चौकी के पास बने शौचालय से सीवेज लीक होकर पेयजल पाइपलाइन में घुस गया। 31 दिसंबर 2025 से शुरू हुई यह त्रासदी जनवरी तक 17 मौतों तक पहुंच गई। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) सबसे ताजा शिकार बने—उनकी किडनी फेल हो गई। अस्पतालों में 142 मरीज भर्ती हैं, 398 लोग प्रभावित। बॉम्बे हॉस्पिटल में 7 ICU में हैं। 9416 लोगों का सर्वे हुआ, 20 नए केस मिले। सीएमएचओ माधव हसनी ने 5 एम्बुलेंस तैनात की हैं।

आंकड़ों पर सियासत: CM बोले 4, जनता चिल्लाई 13-17
सरकार और विपक्ष के आंकड़े टकरा रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुरू में 4 मौतें बताईं, मेयर 7 का दावा किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने 13-17 की पुष्टि की। पूर्व CM उमा भारती समेत बीजेपी नेताओं ने भी प्रशासनिक लापरवाही मानी। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी, मुफ्त इलाज का आदेश दिया। नगर निगम पर 10-12 दिन पुरानी लीक की अनदेखी का आरोप है। मृतकों को 2 लाख मुआवजा मिला, लेकिन परिवारों का रोना है—5 महीने के बच्चे अव्यान साहू की मौत हो गई।

राहुल गांधी का इंदौर दौरा: ‘जिंदगी की कीमत 2 लाख नहीं’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोपहर इंदौर पहुंचे। भागीरथपुरा जाकर प्रभावित परिवारों से मिले, अस्पतालों का दौरा किया। उन्होंने कहा, “सबसे स्वच्छ शहर में यह क्या हो गया? सरकार आंकड़े छिपा रही है। गरीबों की जिंदगी सस्ती हो गई। दोषियों को सजा दो।” राहुल ने CM मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया—पाइपलाइन चेक क्यों नहीं हुई? कांग्रेस ने statewide आंदोलन का ऐलान किया। जितु पटवारी ने इसे ‘नैतिक विफलता’ कहा।

प्रशासन की सफाई: जांच तेज, दोषी बख्शेंगे नहीं
CM ने अस्पताल जाकर मरीजों से मुलाकात की। दोषियों पर सख्ती का वादा किया। नगर निगम अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू। स्वास्थ्य विभाग ने क्लोरीन टैबलेट बांटी। लेकिन जनता नाराज है—पानी अब भी संदिग्ध। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन बदलनी होगी। यह कांड अन्य शहरों के लिए चेतावनी है।

इंदौर की त्रासदी ने साफ पानी के संकट को उजागर किया। राहुल का दौरा सियासत गर्माएगा—क्या सरकार जवाब देगी?

MP – Piyush Dhar Diwedi

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