नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में भारतीय वायुसेना ने अपने अद्भुत फ्लाई पास्ट से देशवासियों का दिल जीत लिया। इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन में शामिल लड़ाकू विमानों ने आसमान में गर्जना करते हुए भारत की सैन्य शक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन ने पाकिस्तान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के एक फाइटर जेट को मार गिराने की बात कही थी।
फ्लाई पास्ट में जिस बीएस-22 फाइटर जेट के गिराए जाने का दावा किया गया था, वही विमान पूरी शान के साथ कर्तव्य पथ के ऊपर से गुजरा और पड़ोसी देश के झूठे प्रचार की पोल खोल दी। इस विशेष फॉर्मेशन में दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर लड़ाकू विमान भी शामिल थे। कैप्टन रघुवंशी के नेतृत्व में तैयार किए गए इस फॉर्मेशन को देखकर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
समारोह का नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने भारत की सैन्य क्षमता और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर परेड की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन के बाद राष्ट्रपति मुर्मू मुख्य अतिथियों के साथ पारंपरिक बग्घी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुईं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गैलरी में बैठे लोगों से मिलने पहुंचे और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगाए, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।
गणतंत्र दिवस 2026 का यह आयोजन न केवल भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं का उत्सव बना, बल्कि भारतीय वायुसेना की ताकत और आत्मविश्वास का भी जीवंत प्रदर्शन साबित हुआ। ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।
Correspondent – Shanwaz Khan



