केरल के वायनाड में राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। भाजपा ने 1 फरवरी को प्रियंका गांधी के सांसद कार्यालय तक जोरदार विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च केंद्र सरकार की वायनाड राहत पैकेज नीतियों के खिलाफ कांग्रेस के आरोपों का जवाब है। पार्टी का दावा है कि प्रियंका गांधी ने भूस्खलन प्रभावितों के लिए राहत की मांग को राजनीतिक रंग दिया है।
वायनाड लोकसभा सीट से सांसद प्रियंका गांधी ने बार-बार केंद्र पर वायनाड के 2024 भूस्खलन पीड़ितों को पर्याप्त सहायता न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने संसद में धरना दिया और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ऋण माफी की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह महज वोट बैंक की राजनीति है। स्थानीय BJP इकाई के अनुसार, मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होंगे, जो राहत कार्यों में केंद्र की भूमिका को उजागर करेंगे।
मार्च का उद्देश्य और रणनीति
भाजपा का कहना है कि केंद्र ने पहले ही करोड़ों रुपये जारी किए हैं, लेकिन राज्य सरकार ने वितरण में देरी की। मार्च कालपेट्टा से शुरू होकर प्रियंका के ऑफिस तक जाएगा। इसमें भूस्खलन प्रभावित परिवारों के साथ BJP विधायक और स्थानीय नेता शामिल होंगे। पार्टी ने नारे लगाएंगे- ‘राहत पहुंचा केंद्र, बाधा बनी कांग्रेस’। मार्च शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन संदेश साफ होगा कि वायनाड की समस्याओं का समाधान राजनीति नहीं, सेवा से होगा।
वायनाड का पृष्ठभूमि संदर्भ
वायनाड 2024 में भयानक भूस्खलन का शिकार हुआ, जिसमें सैकड़ों जानें गईं। राहुल गांधी ने यहां से इस्तीफा दिया, फिर प्रियंका ने उपचुनाव जीता। तब से वे स्थानीय मुद्दों पर मुखर हैं। भाजपा का आरोप है कि प्रियंका ने चुनावी लाभ के लिए राहत को हथियार बनाया। विपक्षी दल CPI और राज्य सरकार पर भी विकास कार्यों में लापरवाही का ठीकरा फोड़ रही है।
राजनीतिक निहितार्थ
यह मार्च 2026 के राजनीतिक समर का आगाज माना जा रहा है। केरल में BJP अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है, जबकि कांग्रेस वायनाड को अपना गढ़ मानती है। मार्च से पहले स्थानीय BJP ने पोस्टर बांटे और सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया। पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रियंका खेमे ने इसे ‘राजनीतिक स्टंट’ बताकर जवाबी रैली की बात कही है।
वायनाड की जनता अब देख रही है कि यह टकराव राहत तक पहुंचेगा या सिर्फ शोरगुल साबित होगा। भाजपा का लक्ष्य साफ है- प्रियंका के दावों को चुनौती देकर केंद्र की छवि चमकाना। आने वाले दिनों में वायनाड राजनीतिक रणभूमि बनेगा।
Correspondent – Shanwaz Khan



