Homeटॉप स्टोरीUGC नए नियमों पर BJP सांसद करण भूषण सिंह का स्पष्टीकरण: स्टैंडिंग...

UGC नए नियमों पर BJP सांसद करण भूषण सिंह का स्पष्टीकरण: स्टैंडिंग कमेटी का कोई लेना-देना नहीं

13 / 100 SEO Score

कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के विवादास्पद नए नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर सफाई दी है। उन्होंने साफ कहा कि वे जिस संसदीय स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं, उसका इन नियमों के निर्माण से कोई संबंध नहीं है। यह बयान सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रही अफवाहों के जवाब में आया है।

UGC के 2026 नियमों ने शिक्षा क्षेत्र में हंगामा मचा रखा है। ये नियम जाति आधारित आरक्षण, प्रवेश नीतियों और संस्थानों के वित्त पोषण पर केंद्रित हैं। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इन्हें ‘जातिगत विभाजनकारी’ करार दिया है। करण भूषण सिंह ने फेसबुक और X पर पोस्ट कर लिखा, “सोशल मीडिया एवं समाचार चैनलों के माध्यम से मीडिया के एक धड़े द्वारा UGC के नए नियमों को लेकर मेरे विरुद्ध अनेक प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। बिना मेरा पक्ष जाने ऐसा कैंपेन चलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।”

स्टैंडिंग कमेटी से दूरी का स्पष्टिकरण
सांसद ने जोर देकर कहा कि उनकी कमेटी ने इन नियमों पर कोई चर्चा नहीं की, न ही कोई बैठक हुई और न ही कोई दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने इसे ‘गलत तरीके से जोड़ने’ की कोशिश बताया। करण ने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि संसद की जिस स्टैंडिंग कमेटी का मैं सदस्य हूं, उसका इन नियमों के निर्माण में कोई योगदान नहीं था।” उन्होंने समाज की भावनाओं के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया।

UGC से पुनर्विचार की मांग
करण भूषण ने UGC से अपील की कि नियमों पर पुनर्विचार कर जनभावनाओं का सम्मान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इनसे ‘जाति आधारित वैमनस्यता’ फैल सकती है और शिक्षण संस्थान ‘जातिगत युद्ध का केंद्र’ बन सकते हैं। सांसद ने एकता का संदेश दिया, “हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं।” उनके पिता, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी नियमों का विरोध किया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद
यह विवाद बृजभूषण परिवार की छवि से जुड़ गया है। विपक्ष ने सांसद को नियम बनाने वाली कमेटी से जोड़ा, लेकिन सफाई के बाद बहस थम गई। भाजपा ने इसे आंतरिक मामला बताया। पूर्व सांसद बृजभूषण ने कहा, “समाज कागजी कानूनों से नहीं चलता, गांव जाकर देखिए जहां बच्चे बिना जाति भेद के खेलते हैं।”

UGC नियमों पर बहस तेज है। सांसद का बयान विपक्षी हमलों को कमजोर करने की कोशिश दिखता है। शिक्षा नीति में बदलाव की मांग तेज हो रही है।

Correspondent – Shanwaz Khan

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments