उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे बड़े धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग रैकेट में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुख्य आरोपी इमरान खान को दो दिनों (36-48 घंटे) की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह फैसला गुरुवार को आया, जब इमरान को देहात कोतवाली लाया गया। अब उससे गहन पूछताछ होगी।
मामले का पूरा घटनाक्रम
यह मामला जिम चेन के जरिए युवतियों को लुभाने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन धर्मांतरण का है। इमरान मास्टरमाइंड था, जिसे 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। दिल्ली एयरपोर्ट से दुबई भागते पकड़ा गया। पटियाला हाउस कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर मिर्जापुर लाया गया। पुलिस ने उसकी XUV गाड़ी, कंपनी और 25 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। बैंक ट्रांजैक्शन की जांच चल रही है।
रिमांड का उद्देश्य
कोर्ट ने पुलिस कस्टडी इसलिए दी ताकि इमरान के फ्लैट से मोबाइल, लैपटॉप बरामद हो सकें। लखनऊ में छानबीन के बाद शनिवार को जेल भेजा जाएगा। एसओजी और देहात कोतवाली पुलिस नेटवर्क, विदेशी फंडिंग और सफेदपोशों का पर्दाफाश करेंगे। इमरान ने जिम में ब्रेनवॉश का खेल चलाया—महंगी गाड़ियां, पार्टीज और दबाव से धर्म परिवर्तन कराया।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने इमरान के साथ अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया। जिम चेन सीज, अश्लील वीडियो बरामद। डीआईजी सोमेन बर्मा ने कहा कि पूछताछ से बड़े राज खुलेंगे। मेडिकल के बाद रिमांड शुरू हुई। विपक्ष ने राज्य सरकार की तारीफ की, लेकिन सवाल उठाए कि ऐसे रैकेट कबतक चलते रहेंगे।
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
मामला सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों ने जिम पर हमला करने की कोशिश की। हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किए। सरकार ने सख्ती का वादा किया। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी फंडिंग की लिंक मिलने से राष्ट्रीय जांच जरूरी। इमरान की पूछताछ से और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
यह रिमांड धर्मांतरण सिंडिकेट पर लगाम लगाने का मौका है। मिर्जापुर पुलिस पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर जुटी है। आने वाले दिनों में कई खुलासे संभव हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan



