अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की। यह कॉल 30 जनवरी 2026 को हुई, जो निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद पहली उच्चस्तरीय संपर्क थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई।
वार्ता के मुख्य बिंदु
पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने सभी क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की। ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि और लोगों के बीच संपर्क पर फोकस रहा। दोनों ने ग्लोबल साउथ के हितों को मजबूत करने की दृष्टि साझा की। यह बातचीत वेनेजुएला के राजनीतिक संकट के बीच भारत की तटस्थ कूटनीति को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि: मादुरो की गिरफ्तारी
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने काराकस में सैन्य अभियान चला कर निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया। मादुरो पर मानवाधिकार उल्लंघन और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। 5 जनवरी को डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति पद संभाला। यह घटना वेनेजुएला-अमेरिका संबंधों को सबसे निचले स्तर पर ले गई। भारत ने तेल आयात के लिहाज से वेनेजुएला को महत्वपूर्ण साझेदार माना है।
भारत-वेनेजुएला संबंध
ONGC वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में निवेशित है। दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। वार्ता से भारत को तेल सप्लाई स्थिर रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को मजबूत करता है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
अमेरिका ने भारत की इस पहल पर असहजता जताई, लेकिन पीएम मोदी ने रणनीतिक संतुलन बनाए रखा। रूस और चीन जैसे देशों ने स्वागत किया। वेनेजुएला ने भारत को भरोसेमंद साझेदार बताया। यह कॉल ग्लोबल साउथ की एकजुटता का संदेश देती है।
Correspondent – Shanwaz Khan



