Homeटेक्नोलॉजीमुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 32 घंटे बंद: गैस टैंकर हादसे के बाद जाम से...

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 32 घंटे बंद: गैस टैंकर हादसे के बाद जाम से राहत, लेकिन प्रशासन की लापरवाही पर सवाल, राज ठाकरे की टोल वापसी मांग

10 / 100 SEO Score

महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मंगलवार (3 फरवरी 2026) शाम करीब 5 बजे एक भयानक हादसा हो गया। प्रोपाइलीन गैस से भरा टैंकर पलट गया, जिससे 32 घंटे तक हाईवे पूरी तरह बंद रहा। ज्वलनशील रसायन की वजह से तत्काल कार्रवाई मुश्किल हो गई। आखिरकार गुरुवार (5 फरवरी) दोपहर तक टैंकर हटाया गया और यातायात बहाल हो गया। हजारों वाहन फंसने से यात्रियों को खाने-पीने, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रातें गुजारनी पड़ीं। इस घटना ने प्रशासन की आपातकालीन तैयारी, टोल सुविधाओं और सड़क रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे का पूरा विवरण और जाम की शुरुआत

एक्सप्रेसवे पर खोपोली के पास टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर में भरा प्रोपाइलीन गैस बेहद खतरनाक रसायन है, जो हल्की चिंगारी से भी विस्फोट कर सकता है। महामार्ग पुलिस और एनडीआरएफ टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सड़क बंद कर दी। शुरुआत में यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा के लिए सही लगा, लेकिन जाम धीरे-धीरे 40 किलोमीटर लंबा हो गया। पुणे से मुंबई जाने वाले हजारों कार, ट्रक, बसें फंस गईं। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग रातभर गाड़ियों में ही कैद रहे। कई जगह पानी-खाने की कमी से हंगामा हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग सड़क पर खाना बांटते और शौचालय की तलाश में परेशान नजर आए।

टैंकर हटाने में देरी और लगातार जाम

टैंकर हटाने के लिए भारी क्रेन बुलाई गई, लेकिन गैस लीकेज का खतरा होने से काम रुका रहा। बीपीसीएल की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया, जो देर रात पहुंची। बुधवार सुबह टैंकर को धीरे-धीरे हटाया गया, लेकिन जाम खत्म न हुआ। मलवली के पास एक ट्रक खराब हो गया, कामशेत में ड्राइवर गाड़ियों में सो गए। महामार्ग पुलिस को खुद जाकर उन्हें जगाना पड़ा। आडोशी सुरंग के पास यातायात एक तरफ से चला, लेकिन पूरी बहाली में और 12 घंटे लग गए। गुरुवार दोपहर 1 बजे मुंबई-पुणे दोनों दिशाओं में ट्रैफिक सामान्य हुआ। फंसे वाहनों को निकालने के लिए 50 से ज्यादा क्रेन लगाए गए।

यात्रियों की भयावह कहानियां

यात्रियों ने दर्दनाक अनुभव साझा किए। एक परिवार ने बताया, “बच्चे भूखे-प्यासे रोते रहे, शौचालय न होने से महिलाओं को जंगल में जाना पड़ा।” पुणे से मुंबई लौट रहे एक दंपति ने कहा, “32 घंटे में सिर्फ टोल टैक्स वसूला गया, कोई सहायता नहीं।” कुल 5,000 से ज्यादा वाहन फंसे, जिनमें 20,000 यात्री थे। एम्बुलेंस को भी रास्ता न मिलने से मरीज परेशान हुए।

राज ठाकरे का तीखा प्रहार और टोल वापसी की मांग

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने X (पूर्व ट्विटर) पर तीव्र प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “32 घंटे तक एक्सप्रेसवे बंद, यात्रियों को तड़पाया गया। बालासाहेब ठाकरे की देन इस हाईवे पर न आपदा प्रबंधन, न रखरखाव। टोल वसूली तो चली, सुविधाएं शून्य। फंसे यात्रियों का टोल लौटाओ!” ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास कंटेंजेंसी प्लान है? उन्होंने हाई-स्पीड ट्रेन का जिक्र कर कहा, “ट्रेन बनेगी तब तक सड़क को सुधारो। जांच का ढोंग बंद करो, एक्शन लो।”

मंत्री गिरीश महाजन की सफाई

मंत्री गिरीश महाजन ने सफाई दी, “प्रोपाइलीन गैस ज्वलनशील थी, विस्फोट का खतरा था। क्रेन भेजी गई, लेकिन सुरक्षा पहले। बीपीसीएल टीम ने संभाला। एक तरफ ट्रैफिक चलाया गया।” उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई।

प्रशासन पर सवाल और सुधार की मांगें

यह घटना चौथी बार है जब एक्सप्रेसवे पर ऐसा जाम लगा। विशेषज्ञों ने कहा:

  • आपातकालीन लेन: वैकल्पिक रास्ते विकसित हों।
  • सुविधा केंद्र: हर 10 किमी पर फूड कोर्ट, टॉयलेट।
  • टेक्नोलॉजी: ड्रोन, CCTV से मॉनिटरिंग।
  • टोल रिफंड: जाम में फंसे यात्रियों को छूट।
    टोल ऑपरेटर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) पर लापरवाही के आरोप। 24 साल पुराने इस हाईवे की मरम्मत जरूरी।

यह हादसा सबक है। सरकार को तुरंत प्लान बनाना चाहिए, वरना अगला जाम और घातक होगा। यात्रियों को न्याय मिले, यही अपेक्षा है।

Correspondent – Shanwaz Khan

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments