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जनकपुरी हादसा: खुले गड्ढे में बाइक सवार की मौत, भाई ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के गंभीर आरोप; जल बोर्ड ने गठित की जांच कमेटी

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दिल्ली के जनकपुरी इलाके में मंगलवार रात (5 फरवरी 2026) एक दिल दहला देने वाले हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। बाइक सवार युवक कमल (नाम में कुछ असंगति के कारण करण के रूप में भी उल्लेखित) सड़क पर खुले गड्ढे में गिरकर मारा गया। परिवार और दोस्तों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का चरम बताया है। मृतक के भाई ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मदद की गुहार लगाने पर उन्हें ‘खुद ढूंढ लो’ जैसे जवाब मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने तत्काल जांच कमेटी गठित कर दी है, जिसकी रिपोर्ट आज शाम तक मांगी गई है।

यह हादसा रात करीब 11:30 बजे डीसी सेंटर के पास हुआ। कमल रोहिणी स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे। उन्होंने भाई करण को फोन पर बताया कि वे 10-15 मिनट में पहुंच जाएंगे। लेकिन 30 मिनट बाद फोन नहीं उठा। चिंतित परिवार ने तलाश शुरू की। पहले रोहिणी ऑफिस गए, फिर जनकपुरी थाने पहुंचे। वहां पुलिस ने सिर्फ आखिरी लोकेशन शेयर की और कहा, ‘200 मीटर के दायरे में खुद खोज लो।’ कोई सर्च ऑपरेशन या घेराबंदी नहीं की गई।

भाई का दर्दभरा बयान: ‘पुलिस ने 24 घंटे बाद शिकायत दर्ज करने को कहा’

मृतक के भाई करण ने मीडिया को दिए बयान में कहा, “भाई ने रात 11:30 बजे फोन किया था। 12 बजे तक कोई खबर नहीं। हमने 10 बार कॉल किया, लेकिन जवाब न मिलने पर घबरा गए। जनकपुरी थाने गए तो बोले, 24 घंटे बाद शिकायत दर्ज होगी। हमने अनुरोध किया कि फोन की घंटी बजाते हुए ट्रैक करें। उन्होंने लोकेशन भेजी, लेकिन तुरंत डिलीट कर दी। दोबारा मांगी तो कहा, ‘गोपनीय जानकारी है, खुद ढूंढो।'” करण ने बताया कि रात 1:30 बजे वे गड्ढे के पास भी पहुंचे, लेकिन अंधेरे में कुछ दिखा नहीं। फिर भी पुलिस ने कोई मदद नहीं की।

दूसरे भाई ने जोड़ा, “हमने छह थानों का चक्कर लगाया। मां को झूठ बोलना पड़ा कि कमल अस्पताल में है। सुबह फोन पर पुलिस ने उठाया और कहा, शव गड्ढे से निकाल लिया गया।” परिवार का आरोप है कि गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड का था, जिस पर न बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी साइन। रात के समय खुला छोड़ना घातक साबित हुआ।

दोस्तों का गुस्सा: ‘सिस्टम की नाकामी, समय पर सर्च होता तो जान बच जाती’

कमल के दोस्तों ने भी पुलिस और प्रशासन पर भड़के। एक दोस्त ने कहा, “पूरी रात भटकते रहे। पुलिस ने खुद तलाश करने को कहा। अगर रात में ही सर्च ऑपरेशन चलता, तो कमल बच सकता था। वह लापरवाह नहीं था, सड़क पर गड्ढा ही जाल था।” दोस्तों ने पीटीआई को बताया कि गड्ढा गहरा था, जिसमें पानी भरा होने से डूबने का खतरा था। बाइक सवार होने के कारण बचना मुश्किल था।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: जल बोर्ड ने कमेटी बनाई, रिपोर्ट शाम तक

दिल्ली जल बोर्ड ने हादसे के बाद त्वरित कार्रवाई की। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि गड्ढा सीवर लाइन मरम्मत के लिए खोदा गया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से बैरिकेडिंग न लगी। जांच कमेटी में इंजीनियर और अधिकारी शामिल हैं, जो साइट इंस्पेक्शन कर रिपोर्ट सौंपेगी। डीडीए और एमसीडी को भी नोटिस जारी किया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन लापरवाही के आरोपों पर चुप्पी साधी है।

सामाजिक चिंता: दिल्ली की सड़कें ‘मौत के जाल’

यह घटना दिल्ली की बदहाल सड़कों पर सवाल खड़े करती है। हर साल सैकड़ों हादसे गड्ढों के कारण होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रात में सर्च के लिए ड्रोन और थर्मल कैमरा इस्तेमाल होने चाहिए। परिवार ने न्याय की मांग की है। कमल के अंतिम संस्कार से पहले दोस्तों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। राजनीतिक दल भी मामले को उठाने की तैयारी में हैं।

यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का आईना है। क्या जांच से दोषी पकड़े जाएंगे? रिपोर्ट का इंतजार।

Correspondent – Shanwaz Khan

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