उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों पर चल रही इस मुहिम में दावे-आपत्तियों की जमा करने की अंतिम तिथि अब 6 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह समयसीमा फरवरी के अंत तक सीमित थी, लेकिन लाखों शिकायतों और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विस्तार का फैसला लिया। यह कदम यूपी की 24 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मतदाता सूची को सटीक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
क्यों बढ़ाई गई समयसीमा? शिकायतों और चुनौतियों का खुलासा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, SIR का लक्ष्य मतदाता सूची को 100% सटीक बनाना है। इसमें मृत मतदाताओं (लगभग 1.5 करोड़ संभावित), डुप्लिकेट नामों और स्थानांतरित लोगों को हटाना शामिल है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी, दस्तावेज जुटाने में देरी और फॉर्म वितरण की समस्या ने बाधा डाली। पिछले 15 दिनों में 50 लाख से अधिक दावे-आपत्तियां प्राप्त हुईं, लेकिन कई जिलों जैसे गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी से शिकायतें आईं कि BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) तक पहुंच मुश्किल रही। कोविड के बाद बढ़े नए मतदाताओं (18-19 वर्ष) के लिए भी यह विस्तार वरदान है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार ने कहा, “यह फैसला पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।”
SIR प्रक्रिया क्या है? क्यों जरूरी?
SIR मतदाता सूची का ‘स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू’ है, जो हर 5-10 वर्ष में किया जाता है। यूपी में 15.5 करोड़ मतदाता हैं, लेकिन 10-15% प्रविष्टियां गलत बताई जाती हैं। यह प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए अहम है। गलत सूची से ‘बूथ कैप्चरिंग’, फर्जी वोटिंग और पात्रों का वंचन होता है। पिछले SIR में 20 लाख नाम हटाए गए, 30 लाख नए जोड़े गए। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सटीक सूची सुनिश्चित करना जरूरी है। विशेषज्ञ डॉ. एके वर्मा (लोकनीतिको संस्थान) कहते हैं, “SIR से चुनावी धांधली रुकेगी और युवा भागीदारी बढ़ेगी।”
कौन-कौन से दावे-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं? फॉर्म और तरीके
नागरिक निम्नलिखित कर सकते हैं:
- फॉर्म-6: नया नाम जोड़ना (18+ उम्र, दस्तावेज: आधार, जन्म प्रमाणपत्र)।
- फॉर्म-7: किसी नाम पर आपत्ति (मृत/स्थानांतरित, प्रमाण: डेथ सर्टिफिकेट)।
- फॉर्म-8: नाम/पता/उम्र सुधार (वोटर आईडी, राशन कार्ड)।
- ट्रांसफर फॉर्म: स्थानांतरण पर।
आवेदन के तरीके:
- ऑफलाइन: BLO, ईरो ( electoral registration officer) या बीएलओ ऐप से।
- ऑनलाइन: nvsp.in या वोटर हेल्पलाइन ऐप (QR कोड स्कैन)।
- हेल्पलाइन: 1950 या 1800-180-7070।
ट्रैकिंग के लिए रेफरेंस नंबर मिलेगा। ग्रामीणों के लिए BLO घर-घर जाएंगे।
प्रशासन की अपील: जल्दी करें आवेदन
जिलाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि 6 मार्च तक 1 करोड़ दावे-आपत्तियां लक्षित हों। लखनऊ में विशेष कैंप लगाए जा रहे। डीएम ने कहा, “अंतिम समय न गंवाएं, दस्तावेज तैयार रखें।” महिलाओं और युवाओं के लिए अलग काउंटर। एनजीओ के सहयोग से जागरूकता अभियान चल रहे।
लाभ और भविष्य प्रभाव
यह विस्तार 2 करोड़ से अधिक पात्र नागरिकों को फायदा पहुंचाएगा। सटीक सूची से चुनाव निष्पक्ष होंगे। यूपी सरकार ने 1 करोड़ नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य रखा। अब देखिए, बढ़ी समयसीमा में भागीदारी कितनी बढ़ती है। नागरिकता का अधिकार इस्तेमाल करें!
Uttar Pradesh – Piyush Dhar Diwedi



