हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर जोरदार हमला बोला है। निजामाबाद में एक चुनावी रैली के दौरान ओवैसी ने सरमा को ‘2 रुपये का भिखारी’ बताते हुए उनकी ही भाषा में करारा जवाब दिया। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में जोरदार बहस छेड़ दी है।
रैली में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मंच पर मौजूद लोगों से 2 रुपये का सिक्का मांगा। जैसे ही उन्हें सिक्का हाथ लगा, उन्होंने उसे हवा में लहराते हुए सरमा पर व्यंग्य कसा। ओवैसी ने कहा, “यह लो 2 रुपये। असम का CM चिल्ला रहा है कि अगर मिया मुसलमान ऑटो चलाकर किसी को ले जाएं और किराया 5 रुपये हो, तो सिर्फ 4 रुपये ही लो। हिमंत बिस्वा सरमा, ये 2 रुपये की भीख तेरे लिए। लेता है क्या तू?” इस बयान पर पूरा मैदान तालियों और नारों से गूंज उठा।
ओवैसी ने आगे कहा, “बोल तू, तू 2 रुपये का भिखारी है। मैं जानता हूं तुझे। तू इतना छोटा आदमी है कि एक गरीब ऑटो चालक के 4-5 रुपये के पीछे पड़ गया है।” उन्होंने सरमा को ‘गरीब विरोधी’ करार देते हुए उनकी मानसिकता पर सवाल उठाए। ओवैसी का यह अंदाज न सिर्फ रैली में मौजूद समर्थकों को भाया, बल्कि वीडियो क्लिप अब यूट्यूब, ट्विटर और फेसबुक पर करोड़ों व्यूज बटोर रही है।
यह विवाद असम CM के हालिया बयान से उपजा है। सरमा ने असम के ‘मिया मुसलमानों’ (बंगाली मूल के मुसलमानों) पर आरोप लगाया था कि वे दुकानों पर सस्ते भावों से सामान बेचते हैं और ऑटो-रिक्शा में कम किराया वसूलकर लोगों को लुभाते हैं। सरमा ने इसे ‘लव जिहाद’ और जनसंख्या वृद्धि की साजिश का हिस्सा बताया था, जिसे उन्होंने ‘आर्थिक जिहाद’ करार दिया। ओवैसी ने इसी बयान का खुलकर मजाक उड़ाया और कहा कि एक मुख्यमंत्री का गरीब ऑटो ड्राइवर की कमाई पर टिप्पणी करना उसकी संकुचित सोच को उजागर करता है।
ओवैसी ने जोर देकर कहा, “हम अपनी कौम का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे छोटे विचारों वाले बयानों का डटकर मुकाबला करेंगे।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव भाजपा और AIMIM के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, खासकर तेलंगाना और असम जैसे राज्यों में। सरमा की ओर से अभी कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनके समर्थक इसे ‘ओवैसी का हास्यप्रद ड्रामा’ बता रहे हैं। वहीं, विपक्षी दल इसे गरीब विरोधी नीतियों पर BJP की असलियत उजागर करने वाला बता रहे हैं। यह विवाद आगामी चुनावों में और गर्माएगा।
Correspondent – Shanwaz Khan



