पटना सिविल कोर्ट को चार दिनों में तीसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। गुरुवार 12 फरवरी 2026 को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की दो मामलों में जमानत याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन धमकी के बाद सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई।
धमकी और तत्काल कार्रवाई
अज्ञात व्यक्ति ने ईमेल के जरिए पूरे कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी। सूचना मिलते ही पीरबहोर थाने की पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। कोर्ट के तीनों गेट बंद कर दिए गए और परिसर को खाली करा लिया गया।
सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने आने-जाने वालों की कड़ी जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां साइबर सेल की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगा रही हैं।
पप्पू यादव की पेशी पर असर
पप्पू यादव को बुद्धा कॉलोनी थाने के सरकारी कार्य में बाधा मामले और कोतवाली थाने के 2017 के पुराने केस में जमानत के लिए पेशी होनी थी। बुधवार को भी ऐसी ही धमकी के कारण सुनवाई टल गई थी, जिससे उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया।
आज की पेशी पर भी संशय बना हुआ है। पुराने मामले में जमानत मिलने के बावजूद नई सुनवाई न होने से उनकी हिरासत बढ़ गई। वकीलों का कहना है कि बार-बार धमकियां सुनवाई को प्रभावित कर रही हैं।
पिछले धमकी के घटनाक्रम
पिछले चार दिनों में यह तीसरी घटना है। पहले ईमेल में RDX IED बम लगाने का दावा किया गया था। हर बार कोर्ट खाली कर तलाशी ली गई, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। पुलिस को शक है कि ये धमकियां सुनवाई रोकने की साजिश हो सकती हैं।
पटना के अलावा भागलपुर और औरंगाबाद सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। बिहार के कोर्ट सिस्टम में सुरक्षा अलर्ट जारी है।
सुरक्षा और जांच का स्तर
पुलिस प्रशासन ने कोर्ट परिसर में CCTV फुटेज की समीक्षा तेज कर दी है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल IP ट्रैक कर रहे हैं। पप्पू यादव के वकील ने कहा कि वे कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे।
यह घटनाक्रम न्यायिक प्रक्रिया, सुरक्षा खामियों और राजनीतिक साजिशों पर सवाल खड़े कर रहा है। बिहार पुलिस ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घायल या प्रभावित पक्षों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
Correspondent – Shanwaz Khan



