ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) एक्वा लाइन का विस्तार कर रहा है, जो नोएडा सेक्टर-61 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 गौर चौक तक 6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बिछाएगा। इस रूट पर 4 नए स्टेशन बनेंगे, जिससे करीब 5 लाख लोगों और 113 हाउसिंग सोसाइटियों को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।
नए रूट की प्रमुख विशेषताएं
रूट नोएडा सेक्टर-61 से शुरू होकर सेक्टर-70, सेक्टर-123 और अंत में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 गौर चौक पर समाप्त होगा। सेक्टर-61 को दिल्ली मेट्रो (DMRC) और NMRC का जॉइंट इंटरचेंज स्टेशन बनाया जाएगा, जो जंक्शन की तरह काम करेगा। यहां से यात्रियों को आसानी से दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने की सुविधा मिलेगी। गौर चौक पर RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) से कनेक्शन भी होगा।
इस विस्तार से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रोजाना लगने वाले भयंकर जाम से राहत मिलेगी। फिलहाल लोग निजी वाहनों, बसों या कैब पर निर्भर हैं, जिससे समय और ईंधन की बर्बादी होती है। मेट्रो आने से सस्ता, सुरक्षित और समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। साथ ही, क्षेत्र में प्रॉपर्टी मूल्य बढ़ने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट तक आसान पहुंच
यह रूट RRTS से जुड़ेगा, जो सराय काले खां से गाजियाबाद होते हुए नॉलेज पार्क-5 तक जाएगा। गौर चौक से RRTS पकड़कर जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ कुछ मिनटों में पहुंचा जा सकेगा। इससे हवाई यात्रियों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। NMRC के अधिकारियों के अनुसार, यह नॉलेज पार्क-5 तक मंजूर योजना का हिस्सा है।
DPR तैयार, जल्द कैबिनेट मंजूरी
रूट की फाइनल डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनकर तैयार हो चुकी है। मामूली संशोधनों के बाद इसे उत्तर प्रदेश कैबिनेट के पास दोबारा भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही केंद्र, राज्य सरकार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सहयोग से निर्माण शुरू हो जाएगा। चूंकि कॉरिडोर छोटा है, इसलिए लागत कम रहेगी। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट का समग्र विकास तेज होगा।
क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव
ग्रेटर नोएडा वेस्ट तेजी से बढ़ता आवासीय क्षेत्र है, जहां मेट्रो की कमी लंबे समय से समस्या बनी हुई थी। इस प्रोजेक्ट से न केवल ट्रैफिक कम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। निवासी दिल्ली मेट्रो से सेक्टर-61 उतरकर ग्रेनो वेस्ट पहुंच सकेंगे। RRTS कनेक्शन से गाजियाबाद और जेवर मार्ग आसान हो जाएगा। कुल मिलाकर, यह परियोजना NCR के यातायात नेटवर्क को मजबूत बनाएगी।
लंबे इंतजार के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मेट्रो मिलना ऐतिहासिक कदम है। इससे दैनिक यात्रा आसान होने से जीवन स्तर सुधरेगा।
Correspondent – Shanwaz Khan



