केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में देश की पहली सहकारी टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ के ड्राइवरों से खास संवाद किया। उन्होंने ड्राइवरों को सम्मानपूर्वक ‘सारथी’ कहा और कहा कि अब वे सिर्फ चालक नहीं, बल्कि व्यवसाय के असली मालिक हैं। बैठक में ईंधन लागत, लाइसेंस समस्याएं, तकनीकी सुधार और आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। शाह ने सहकारी मॉडल को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।
‘कमीशन मुक्त’ मॉडल की तारीफ
शाह ने कहा कि निजी कैब कंपनियां 25-30% कमीशन काटती हैं, जिससे ड्राइवरों की कमाई घट जाती। भारत टैक्सी में कोई कमीशन नहीं- हर किलोमीटर का फिक्स किराया और 80% आय ड्राइवर को। 500 रुपये शेयर लेकर ड्राइवर सह-स्वामी बन सकते हैं। बोर्ड में उनके प्रतिनिधि होंगे। पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में सफल। अगले 3 साल में कश्मीर से कन्याकुमारी तक विस्तार का लक्ष्य। 2.5 लाख ड्राइवर जुड़ चुके।
ड्राइवरों ने साझा किए अनुभव
ड्राइवरों ने बताया कि पहले ओला-उबर में शोषण होता था। अब स्वतंत्रता और गारंटीड कमाई। एक ड्राइवर बोले, “अमित जी से बात कर हौसला मिला।” शाह ने कहा, “जो पसीना बहाए, वही मुनाफा पाए। सहकारिता से सशक्त भारत।” सरकार सुधारों पर कदम उठाएगी।
सहकारिता से नई क्रांति
भारत टैक्सी को अमूल, इफको जैसी 8 सहकारी संस्थाओं ने लॉन्च किया। सस्ती-सुरक्षित राइड का वादा। शाह ने इसे मेहनतकशों की जीत बताया। विपक्ष ने सराहना की, लेकिन पूरे देश में जल्द रोलआउट की मांग। यह पहल ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में नया दौर शुरू करेगी।
Delhi – Piyush Dhar Diwedi



