दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सायरा, शरीफा और सलमा नाम की तीन महिलाओं को ख्याला इलाके से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। घटना के बाद ये महिलाएं फरार थीं और अब पुलिस अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। इससे पहले 7 पुरुषों और 1 नाबालिग को गिरफ्तार किया जा चुका था, कुल 10 आरोपी हिरासत में हैं।
गुब्बारे से शुरू हुआ खूनी विवाद
4 मार्च को जेजे कॉलोनी में तरुण (26) के परिवार ने होली पर पानी भरा गुब्बारा फेंका, जो पड़ोसी महिला पर गिरा। मामूली विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया, जिसमें तरुण को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार दिया गया। आरोपी उमरदीन (49), जुम्मादीन (36), कमरुद्दीन (36), मुस्तैक (46), मुजफ्फर (25), ताहिर (18) और इमरान उर्फ बंटी (38) पहले ही पकड़े गए। परिवारों के बीच पुरानी पार्किंग और कचरा विवाद भी थे।
बुलडोजर से तोड़ा आरोपी का घर
हत्या के बाद आक्रोशित भीड़ ने 6 मार्च को वाहनों में आग लगाई, जिसके जवाब में MCD ने 8 मार्च को आरोपी निजामुद्दीन (उमरदीन के पिता) के घर के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाया। नगर निगम ने इसे नालियों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान बताया, लेकिन स्थानीय इसे न्याय माने। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कार्रवाई का समर्थन किया। सीएम रेखा गुप्ता ने सख्त निर्देश दिए।
तनावपूर्ण इलाका, कड़ी सुरक्षा
घटना के बाद इलाका तनावग्रस्त हो गया। RAPID एक्शन फोर्स, CRPF और दिल्ली पुलिस तैनात है। बाजार बंद, बैरिकेडिंग से व्यापार प्रभावित। पीड़ित परिवार ने CBI जांच और एनकाउंटर की मांग की है। तरुण के भाई ने कहा, “बुलडोजर से संतुष्टि नहीं, हत्यारों का अंजाम होना चाहिए।” SC/ST एक्ट की धाराएं लगाई गईं।
पुलिस की आगे की रणनीति
डीसीपी द्वारका कुशल सिंह ने बताया कि जांच जारी है, और फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा। इलाके को जोन में बांटकर निगरानी हो रही। विश्व हिंदू परिषद ने कार्रवाई का स्वागत किया। यह घटना दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली साबित हुई। स्थानीय निवासियों ने शांति की अपील की, लेकिन न्याय की मांग तेज।
Delhi – Piyush Dhar Diwedi



