महाराष्ट्र को आज सुबह एक ऐसी खबर मिली जिसने पूरे राज्य को सन्न कर दिया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनके चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से यह हादसा हुआ। डीजीसीए की पुष्टि के अनुसार, विमान में सवार छह लोगों में अजित पावर सहित सभी की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 8:45 बजे घटी।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
अजित पवार मुंबई से बारामती अपनी चार प्रचार सभाओं के लिए जा रहे थे। जिला परिषद चुनावों के मद्देनजर यह यात्रा थी। लियरजेट-45 विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया, पास के खेत में जा गिरा और आग पकड़ ली। विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या खराब मौसम को वजह बताया जा रहा है। बचाव कार्य तुरंत शुरू हुआ, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका। सीसीटीवी फुटेज में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने और धमाके की भयावह तस्वीरें कैद हैं।
विमान में अजित पवार के अलावा उनके पीए, पीएसओ, अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर्स सवार थे। बारामती हवाई पट्टी पर लाइटिंग की कमी ने हालात और बिगाड़े। स्थानीय नेता रणजित शिवतरे ने बताया कि विमानतळ के पास पहुंचे तो सब कुछ राख में बदल चुका था। एनसीपी समर्थक और पवार परिवार के लोग दुर्घटना स्थल पर पहुंचे, जहां शोक की लहर दौड़ गई।
राजनीतिक सफर: विद्रोह से सत्ता तक
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार थे। 1995 से बारामती से सात बार विधायक। एनसीपी के संस्थापक सदस्य शरद पवार के भतीजे। 2019 में बीजेपी के साथ ‘महाजनादेश यात्रा’ कर विवादास्पद गठबंधन किया। 2023 में फिर विद्रोह कर उपमुख्यमंत्री बने। सिंचाई घोटाले से लेकर सत्ता के खेल तक—उनका करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। पवार साहेब के बाद बारामती का किला संभालने वाले मजबूत नेता थे।
राज्य में शोक की लहर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा सत्र स्थगित कर दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार ने शोक संदेश जारी किए। शिवसेना के संजय राउत ने कहा, “अजित जैसे दुर्लभ नेता चले गए।” एनसीपी में उत्तराधिकार की जंग तेज हो गई है। पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा जोरों पर है।
बारामती में अंतिम संस्कार होगा। यह हादसा न सिर्फ पवार परिवार, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित करेगा। अजित पवार का जाना एक युग का अंत है।
Correspondent – Shanwaz Khan



