समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजधानी दिल्ली में हुए ताजा धमाके के बाद सरकार की तैयारियों और इंटेलिजेंस तंत्र की खामियों को लेकर सवाल उठाया है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर लगातार ऐसी घटनाएं होना पूरे सिस्टम के लिए चिंता का संकेत है। उन्होंने पूछा, “आखिर बार-बार खुफिया एजेंसियां क्यों विफल हो रही हैं? जब राजधानी में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बहुत बड़ी लापरवाही है।”
अखिलेश ने कहा कि सिर्फ पीएम के आश्वासन से व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए और इंटेलिजेंस सिस्टम को तकनीकी और मानव संसाधन दोनों स्तरों पर बेहतर बनाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही हाल रहा तो राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी प्रश्न चिन्ह लग सकता है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने यह भी कहा कि अब वक्त आ गया है जब ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी चूक न होने पाए.
एग्जिट पोल और विपक्ष पर साजिश के आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव के हाल में आए एग्जिट पोल को लेकर अखिलेश यादव ने केंद्र पर विपक्षी दलों का मनोबल गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह पोल बीजेपी के इशारे पर ऐसे समय पर जारी किए जाते हैं, जब जनता में बदलाव की लहर है और विपक्ष कार्यकर्ताओं में जोश है। उनका मानना है कि इन सर्वे का उद्देश्य विपक्ष के कार्यरतजनों को हतोत्साहित करना है। अखिलेश ने अपने कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहने और चुनाव आयोग से हर स्तर पर शिकायत करने के निर्देश भी दिए हैं.
सत्ता पक्ष पर तीखे वार, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अगर सरकार में बैठे लोग वाकई लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं तो इस धमाके व चुनाव प्रणाली दोनों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करें। साथ ही, दोषियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि देश के नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.
Correspondent- Shanwaz Khan



