भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर टीम इंडिया में वापसी की दहलीज पर हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से वह राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई (BCCI) शमी के प्रदर्शन पर करीब से नजर बनाए हुए है और उनकी फिटनेस में सकारात्मक सुधार देख रही है।
शमी ने इस समय विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार खेल दिखाया है। इससे पहले उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन किया था। तीनों टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि वह अब भी भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक हैं। पिछले छह मुकाबलों में उन्होंने 17 विकेट झटके हैं, जो उनके फॉर्म और लय में वापसी का स्पष्ट संकेत है।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि चयन समिति शमी के प्रदर्शन का गहराई से मूल्यांकन कर रही है। अधिकारी ने कहा, “मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को कभी भी दौड़ से बाहर नहीं माना जा सकता। वह विकेट लेने की क्षमता रखते हैं और जब तक फिटनेस कोई बड़ी समस्या नहीं बनती, उनकी वापसी पूरी तरह संभव है।”
सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि चयनकर्ता शमी को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में मौका देने पर विचार कर रहे हैं। अनुभव, लाइन-लेंथ की सटीकता और बड़े मैचों में प्रभाव डालने की उनकी क्षमता के कारण टीम प्रबंधन उन्हें एक बार फिर मौका देने के पक्ष में है। अगर सब कुछ सही रहता है, तो 2027 वनडे वर्ल्ड कप में शमी की उपस्थिति भी देखी जा सकती है।
हाल में शमी को लेकर कुछ विवाद भी हुए थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला से बाहर किए जाने पर कहा था कि चयनकर्ताओं को उनकी फिटनेस की जानकारी पहले से थी। इस पर टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने प्रतिक्रिया दी थी कि अगर शमी पूरी तरह फिट होते, तो उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए जरूर चयनित किया जाता।
मोहम्मद शमी भारत के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में उन्होंने भारत के लिए सबसे अधिक 9 विकेट लिए थे और टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या उनका घरेलू फॉर्म उन्हें एक बार फिर नीली जर्सी में वापसी दिला पाता है या नहीं।
Corrospondent – Shanwaz Khan



