लखनऊ, 2 फरवरी 2026: केंद्रीय बजट 2026 (1 फरवरी को पेश) ने उत्तर प्रदेश के छोटे-मझोले शहरों को विकास की नई उड़ान देने का वादा किया है। बड़े महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों पर 5,000 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 45 शहरों को करीब 900 करोड़ का लाभ मिलेगा। सरकार का नया विजन ‘सभी तक विकास’ को साकार करेगा, जहां कस्बाई इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और पर्यटन जैसी सुविधाओं पर जोर होगा।
टियर-2 शहर: प्रमुख हब का विस्तार
टियर-2 श्रेणी में यूपी के 15 प्रमुख शहर शामिल हैं: लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, झांसी और मथुरा। इनमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, जैसे मेट्रो विस्तार, स्मार्ट सड़कें और इंडस्ट्रियल हब। गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहर दिल्ली-NCR से जुड़कर तेजी से बढ़ेंगे।
टियर-3 शहर: कस्बों का सुनहरा भविष्य
टियर-3 में 30 छोटे शहर-कस्बे हैं, जिन्हें पूर्वांचल (9), पश्चिमांचल (9), मध्य यूपी (6), बुंदेलखंड (5) और अन्य क्षेत्रों से चुना गया। अयोध्या, फैजाबाद, सुल्तानपुर, आजमगढ़, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, संभल, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा आदि प्रमुख हैं। इनमें धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा—अयोध्या राम मंदिर के बाद पर्यटक केंद्र बनेगा।
विकास प्रोजेक्ट्स: बुनियादी सुविधाओं पर जोर
5,000 करोड़ से सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, सार्वजनिक परिवहन बेहतर, बिजली-पानी की 24×7 आपूर्ति सुनिश्चित होगी। पर्यटन शहरों में होटल, हेरिटेज साइट्स और कनेक्टिविटी पर फोकस। स्थानीय रोजगार बढ़ाने के लिए स्किल सेंटर और MSME यूनिट्स लगेंगी।
म्युनिसिपल बॉन्ड से लोकल फंडिंग का नया द्वार
बजट ने म्युनिसिपल बॉन्ड के दायरे का विस्तार किया। अब नगर निगमों के अलावा 200 नगर पालिका परिषदें और 100+ नगर पंचायतें बॉन्ड जारी कर सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर फंडिंग आसान होगी, विकास तेज होगा। यूपी सरकार ने कहा, “यह बजट छोटे शहरों को मेगा सिटी में बदल देगा।”
यह आवंटन यूपी की आर्थिक वृद्धि को दोगुना करेगा, लाखों नौकरियां पैदा होंगी। निवेशक आकर्षित होंगे, और ग्रामीण-शहरी असंतुलन दूर होगा। बजट से यूपी का स्वर्णिम युग शुरू!
Correspondent – Shanwaz Khan



