दिल्ली-एनसीआर में नवंबर की शुरुआत के साथ ही सर्द हवाओं ने दस्तक दे दी है। मौसम अब पूरी तरह बदल चुका है — दिन में हल्की धूप तो रात में बढ़ती ठिठुरन ने राजधानी की फिज़ा को सर्द कर दिया है। इस बीच, ठंडी हवा के साथ प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे दिल्लीवालों की परेशानी दोहरी हो गई है।
तापमान में लगातार गिरावट
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार रात राजधानी का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। रविवार को तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री और न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी और आने वाले दिनों में यह 10 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है।
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि 11 से 15 नवंबर के बीच दिल्ली में दिन का अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जबकि रात में तापमान 13 से 15 डिग्री तक लुढ़क सकता है। यानी सुबह और रात के समय हल्की सर्दी का अहसास अब स्थायी हो जाएगा।
ठंडी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन
राजधानी में पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली सर्द हवाओं ने ठंड के असर को और तेज कर दिया है। कई इलाकों — जैसे कि रिज, अयानगर, नजफगढ़ और लोदी रोड — में रात का तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है, जिससे शरीर को लगने वाली ठंड (Real Feel) वास्तविक तापमान से अधिक महसूस हो रही है।
दिल्ली में अब सुबह की सैर या देर शाम बाहर निकलने के लिए हल्की जैकेट, स्वेटर या शॉल की जरूरत पड़ने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि सर्द हवाओं के चलते 14 से 15 नवंबर के बीच रात का पारा और नीचे जा सकता है, जिससे सर्दी का असर और बढ़ेगा।
प्रदूषण ने किया हाल बेहाल
मौसम के इस बदलाव के साथ राजधानी की सबसे बड़ी समस्या फिर से सामने आ गई है — वायु प्रदूषण। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर “बहुत खराब” श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार रात और रविवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 361 से 370 के बीच दर्ज किया गया, जो “Very Poor” यानी “बहुत खराब” श्रेणी में आता है।
आनंद विहार, वज़ीरपुर, ओखला और द्वारका जैसे इलाकों में AQI 400 से ऊपर चला गया, जो “गंभीर” श्रेणी में है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में नमी और ठहराव के कारण प्रदूषक कण सतह के पास जमा हो रहे हैं। हवा की गति कम होने से प्रदूषण फैलने की बजाय और गहराता जा रहा है।
आने वाले दिनों में राहत की संभावना कम
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिनों तक हवा की दिशा और गति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, इसलिए AQI में सुधार की उम्मीद नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर हवा की स्थिति स्थिर रही, तो वायु गुणवत्ता “गंभीर” श्रेणी में भी जा सकती है।
दिल्ली सरकार और पर्यावरण एजेंसियों ने GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत कई उपाय लागू किए हैं — जैसे निर्माण कार्यों पर रोक, पानी का छिड़काव, और डीजल जेनरेटर बंद करने के निर्देश। इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में खास सुधार नहीं देखा गया है।
नागरिकों के लिए सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और शाम के समय खुले में व्यायाम या सैर करने से बचने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। एन-95 मास्क पहनना और घरों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सिफारिश की गई है।
निष्कर्ष
दिल्ली में इस समय मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है — एक तरफ सर्द हवाएं राजधानी को ठंडक दे रही हैं, तो दूसरी ओर प्रदूषण का जहर हवा में घुला हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना कम है। ऐसे में दिल्लीवालों के लिए चुनौती यही है कि वे सर्दी का आनंद लेते हुए प्रदूषण से खुद को सुरक्षित रखें।



