आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर संसद में विशेष चर्चा की मांग की है। ईरान-इजरायल युद्ध और सऊदी अरब में हाल के मिसाइल हमलों के बाद, जहां एक भारतीय समेत दो लोगों की मौत हुई, संजय सिंह ने सरकार से पारदर्शिता की अपील की। उन्होंने कहा कि यह संकट केवल विदेशी मामला नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार और लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए खतरा है। बजट सत्र के दूसरे चरण में यह मुद्दा गरमाने की संभावना है।
ईरान-इजरायल युद्ध का आर्थिक असर
संजय सिंह ने नोटिस जारी कर कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना खतरे में है, जो भारत के लिए सामरिक महत्व रखती है। तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगे हो रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि खाड़ी देशों में 80 लाख भारतीय मजदूर फंसे हैं, और सऊदी के अल-खर्ज हमले में भारतीय की मौत ने चिंता बढ़ा दी। दूतावास की अस्पष्ट प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि सरकार क्या निकासी योजना चला रही है। ऑपरेशन अजय के तहत 50,000 से ज्यादा लौट चुके हैं, लेकिन अभी लाखों अटके हैं।
संसद में चर्चा क्यों जरूरी?
संजय सिंह का कहना है कि सरकार सर्वदलीय बैठक में पूरी जानकारी दे। उन्होंने कहा, “मिडिल ईस्ट संकट से महंगाई, व्यापार और चाबहार बंदरगाह प्रभावित हो रहा है। संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए।” विपक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विदेश नीति पर चुप्पी साधे है। कांग्रेस, सपा और अन्य दलों ने समर्थन जताया। सत्र के पहले दिन स्पीकर विवाद के बीच यह नया मोर्चा खुल गया। संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, “लाखों भारतीयों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दांव पर है, सरकार जवाब दे।”
क्षेत्रीय तनाव का भारत पर प्रभाव
ईरान के मिसाइल हमलों से सऊदी, UAE और कतर अलर्ट पर हैं। तेल निर्यात बाधित होने से भारत को सालाना 50,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है। चाबहार पोर्ट से अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच प्रभावित। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध लंबा चला तो रुपया 90 को पार कर सकता है। सऊदी में भारतीय दूतावास ने सतर्कता बरतने की सलाह दी, लेकिन संजय सिंह ने केंद्रीय स्तर पर बयान की मांग की।
राजनीतिक रंग और भविष्य
AAP नेता ने सरकार पर अमेरिकी दबाव का आरोप लगाया, जैसे पुराने सीजफायर मामलों में। विपक्ष का मानना है कि संसदीय चर्चा से नीति स्पष्ट होगी। बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा, जहां यह मुद्दा हाईलाइट हो सकता है। संजय सिंह की मांग से विपक्ष एकजुट हो रहा है। भारत ने सऊदी से संपर्क साधा है, लेकिन संसद में जवाबदेही जरूरी।
यह मांग राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़ी है, जिसका असर हर नागरिक पर पड़ेगा।
Correspondent – Shanwaz Khan



