उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मंगलवार तड़के दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। घने कोहरे के कारण सुबह करीब चार बजे एक के बाद एक सात बसें आपस में टकरा गईं, जिससे कई बसों में आग लग गई। इस भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 यात्री घायल हुए हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
यह घटना मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। शुरुआती जांच में पता चला है कि लो विजिबिलिटी के कारण बसों के ड्राइवरों को आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके चलते एक बस के पीछे दूसरी बसें टकराती चली गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ बसों में अचानक आग लग गई। हादसे में शामिल सात बसों में एक रोडवेज़ बस थी, जबकि बाकी सभी प्राइवेट ट्रैवलर बसें थीं, जो अलग-अलग रूटों पर यात्रियों को लेकर जा रही थीं।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर यात्रियों को बसों से बाहर निकालने में मदद की। घायलों को नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। आग लगने की वजह का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
एक चश्मदीद ने बताया कि जब हादसा हुआ, वह बस में सो रहा था। टक्कर लगने के तुरंत बाद बस में अफरा-तफरी मच गई, यात्री चीखते-चिल्लाते हुए बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। कई लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर अपनी जान बचाई।
मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में सात बसों के अलावा तीन छोटी गाड़ियां भी प्रभावित हुईं। अब तक चार शव बरामद किए गए हैं और घायलों की संख्या 25 है। सभी घायलों का इलाज जारी है और मौके पर पुलिस बल तैनात है।
इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।
घना कोहरा इस समय उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में कहर बरपा रहा है। सड़क परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी मौसम स्थितियों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें और वाहन धीरे चलाएं। मथुरा का यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि कोहरे में छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
Correspondent – Shanwaz khan



