मोदी ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत किया। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान खरगे ने उपराष्ट्रपति को सलाह देते हुए कहा कि उन्हे केवल एक तरफ देखना सही नहीं होगा क्योंकि इससे खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सभापति को दोनों पक्षों को बराबर ध्यान देना चाहिए।
खरगे ने कहा, “मुझे आशा है कि आप दोनों तरफ बराबर हिस्सेदारी देंगे और संतुलन बनाए रखेंगे। आप अपने आसन से केवल उस तरफ ज्यादा न देखें, क्योंकि खतरा हो सकता है। दोनों तरफ ध्यान बनाए रखना जरुरी है।” उन्होंने उपराष्ट्रपति के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ भी दीं।
इसके अलावा खरगे ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्व चैयरमैन को उचित फेयरवेल नहीं मिला, जो दुखद है। इसके जवाब में भाजपा ने प्रतिक्रिया दी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि खरगे की इस बात पर सहमति नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। खरगे ने कहा कि शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री ने संसद में गंभीर मुद्दों को उठाने की बजाय एक बार फिर ड्रामेबाजी की। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे ध्यान भटकाने का प्रदर्शन बंद कर जनता के असली मुद्दों पर चर्चा करें।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे चुनावी हार की हताशा संसद में निकालने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह सत्र राजनीतिक रंगमंच नहीं बने, बल्कि रचनात्मक और परिणामोन्मुखी बहस का मंच होना चाहिए।
इस सत्र के दौरान राजनीति का केंद्र उपराष्ट्रपति के सामनेBalance बनाए रखने और मुख्य मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह रहा, जो लोकतंत्र की बातों को संतुलित रूप से आगे लेकर जाए।
Correspondent – Shanwaz Khan



