Homeटेक्नोलॉजीक्रिसमस पर सोने के भाव स्थिर, निवेशक सतर्क; वैश्विक संकेतों पर नजर

क्रिसमस पर सोने के भाव स्थिर, निवेशक सतर्क; वैश्विक संकेतों पर नजर

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क्रिसमस के अवसर पर 25 दिसंबर 2025 को सोने की कीमतों में कोई खास हलचल नहीं दिखी। घरेलू सर्राफा बाजारों में पीली धातु सीमित दायरे में रही, जहां न तो तेजी का दौर चला और न ही कोई भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहने से भावों पर दबाव नहीं बना, जबकि ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली ने किसी बड़े उछाल को रोक दिया।[conversation_history]

घरेलू बाजार में स्थिरता

देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 77,800 से 78,000 रुपये के बीच रहा, जबकि 22 कैरेट सोना 71,500 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। चांदी के भाव भी लगभग अपरिवर्तित रहे, जो 1 किलो के लिए 94,500 रुपये पर स्थिर हुए। स्थानीय ज्वेलर्स बताते हैं कि शादी-विवाह का सीजन अब थोड़ा सुस्त पड़ रहा है, लेकिन निवेशकों की रुचि बनी हुई है। त्योहारी मांग के बाद अब फिजिकल गोल्ड की खरीदारी में हल्की कमी आई है, फिर भी बाजार को निचले स्तर पर मजबूत समर्थन मिल रहा है।[conversation_history]

वैश्विक कारकों का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिसमस ब्रेक के चलते कम ट्रेडिंग हुई, जहां स्पॉट गोल्ड 2,640 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीदें और डॉलर इंडेक्स की स्थिति निवेशकों को सतर्क रखे हुए हैं। भू-राजनीतिक तनाव जैसे मिडिल ईस्ट विवाद निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन डॉलर में मजबूती चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भावों की दिशा निर्भर करेगी।[conversation_history]

निवेश रणनीति पर सलाह

बाजार जानकारों ने निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह दी है। मौजूदा हालात में सोने के भाव एक रेंज में रह सकते हैं, इसलिए चरणबद्ध निवेश (SIP) को बेहतर विकल्प बताया जा रहा है। फिजिकल गोल्ड के अलावा गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प स्टोरेज और सुरक्षा के लिहाज से फायदेमंद हैं। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए 10-12 प्रतिशत रिटर्न की संभावना है, लेकिन शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से सावधान रहें।[conversation_history]

भविष्य का अनुमान

दिसंबर के अंत और नए साल की शुरुआत में सोने की चाल वैश्विक आंकड़ों, तेल कीमतों और अमेरिकी नीतियों पर निर्भर करेगी। यदि अनिश्चितताएं बढ़ीं तो सोना फिर से चमक सकता है, अन्यथा रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रहेगी। ज्वेलर्स स्टॉक बढ़ा रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता सतर्कता बरत रहे हैं। कुल मिलाकर, 25 दिसंबर को बाजार संतुलित रहा और निवेशकों के लिए धैर्य का समय है

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