पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर लगाए गए आरोपों पर ममता बनर्जी ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर घुसपैठियों की समस्या केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित है, तो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम और दिल्ली में हुई आतंकी घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है।
बांकुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी बार-बार यह दावा करती है कि घुसपैठिए सिर्फ बंगाल से ही आते हैं। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा, “अगर ऐसा है, तो पहलगाम में जो हमला हुआ, क्या वह आपने कराया था? दिल्ली में जो आतंकी घटना हुई, उसके पीछे कौन था?” ममता ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है और हर घटना का ठीकरा राज्य सरकारों पर फोड़ना गलत है।
महाभारत के किरदारों से तुलना
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों की तुलना महाभारत के दुर्योधन और दुशासन से करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही ऐसे किरदार “प्रकट” होने लगते हैं। ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी “एसआईआर” के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है और इसे राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि “शकुनी का चेला” जानकारी जुटाने के लिए बंगाल आया है। ममता का इशारा गृह मंत्री के बंगाल दौरे की ओर था, जो 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तीन दिवसीय यात्रा पर राज्य में हैं।
सीमा, जमीन और घुसपैठ का मुद्दा
अमित शाह ने दावा किया था कि 2026 के बंगाल चुनाव घुसपैठ के मुद्दे पर लड़े जाएंगे और उन्होंने राज्य सरकार पर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ के लिए जमीन उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। इस पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र की कई रेलवे और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं इसलिए पूरी हो सकीं क्योंकि राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध कराई। उन्होंने सवाल किया कि अगर बंगाल सरकार जमीन नहीं दे रही थी, तो पेट्रापोल और अंडाल में जमीन किसने दी?
एसआईआर पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने एसआईआर को “एआई की मदद से किया जा रहा एक बड़ा घोटाला” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके कारण करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है और बुजुर्गों को दस्तावेज सत्यापन के नाम पर परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूची से किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाया गया, तो तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी।
ममता ने साफ कहा कि बंगाल की जनता इस तरह के “उत्पीड़न” को बर्दाश्त नहीं करेगी और राज्य में बीजेपी को सत्ता में नहीं आने देगी। उनके इस बयान से साफ है कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने वाला है।
Bengal – Piyush Dhar Diwedi



