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कासगंज हादसा: परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमयी मौत, सत्यवीर ने पहले की हत्या फिर आत्महत्या?

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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। अमापुर थाना क्षेत्र के नगला भोजराव गांव में एक वेल्डिंग दुकानदार सत्यवीर फौजी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की हत्या कर ली, उसके बाद खुद फांसी लगाकर जान दे दी।

यह घटना 20 फरवरी 2026 को सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने कई दिनों से दुकान बंद देखकर संदेह जताया। सत्यवीर (50 वर्ष), पत्नी रामश्री (48 वर्ष), बेटी प्राची (12 वर्ष), अमरवती (10 वर्ष) और बेटा गिरीश (9 वर्ष) के शव दुकान के अंदर मिले। प्रारंभिक जांच में सत्यवीर का शव फांसी के फंदे पर लटका पाया गया, जबकि अन्य चार चारपाई पर पड़े थे। रामश्री के गले पर धारदार हथियार से कटे निशान साफ दिखे, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं।

शव मिलने का खुलासा कैसे हुआ

परिवार पिछले पांच साल से इसी दुकान के आगे के हिस्से में वेल्डिंग का काम चलाता था और पीछे रहता था। 20 फरवरी की शाम करीब 6:30 बजे स्थानीय निवासियों को शक हुआ क्योंकि दुकान कई दिनों से बंद थी। दरवाजे की दरार से झांकने पर भयानक दृश्य दिखा – सत्यवीर लटक रहा था और बाकी शव सड़ते हुए बदबू मार रहे थे। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। शवों से दुर्गंध आ रही थी, जो बताता है कि मौत एक-दो दिन पहले हो चुकी थी। कोई जबरन घुसपैठ के निशान नहीं मिले – खिड़कियां अंदर से बंद थीं और मुख्य द्वार पर कपड़ा बंधा था। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने साक्ष्य संग्रहित किए।

पुलिस जांच और एसपी का बयान

कासगंज की एसपी अंकिता शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया सत्यवीर ने परिवार की हत्या की फिर सुसाइड की, लेकिन पोस्टमॉर्टम और गहन जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। आसपास के लोगों से पूछताछ चल रही है ताकि परिवार की परेशानियां उजागर हों। रिश्तेदारों का पता लगाया जा रहा है।

पुलिस को अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जांच में घरेलू कलह, कर्ज या मानसिक तनाव जैसी संभावित वजहें सामने आ रही हैं। सत्यवीर का परिवार गरीब तबके का था, लेकिन पड़ोसियों ने कोई स्पष्ट विवाद नहीं बताया। फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।

परिवार का बैकग्राउंड

सत्यवीर फौजी वेल्डिंग का काम करके परिवार चलाता था। नगला भोजराव गांव में किराए के इस स्थान पर वे खुशी से रहते थे। बच्चे स्थानीय स्कूल जाते थे। पड़ोसी उन्हें सामान्य परिवार मानते थे, लेकिन हाल ही में सत्यवीर उदास नजर आता था। रोजमर्रा के संपर्क में कोई खास शख्स नहीं दिखा। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

समाज पर प्रभाव और सबक

यह घटना उत्तर प्रदेश में बढ़ते पारिवारिक तनाव को उजागर करती है। आर्थिक दबाव, बेरोजगारी या वैवाहिक विवाद अक्सर ऐसी त्रासदियों का कारण बनते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते काउंसलिंग जरूरी है।

मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन

यदि कोई आत्महत्या के ख्यालों से जूझ रहा है, तो तुरंत मदद लें:

  • किरण हेल्पलाइन: 1800-599-0019 (24×7, भारत सरकार)
  • iCALL (TISS): 9152987821 (सोम-शनि, सुबह 8 से रात 10 बजे)

Correspondent – Shanwaz Khan

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