कोझिकोड: केरल के कोझिकोड में एक बेहद दर्दनाक घटना ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 42 वर्षीय दीपक यू ने 18 जनवरी 2026 को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृत्यु से पहले 16 जनवरी को एक भीड़भाड़ वाली लोकल बस में यात्रा के दौरान शिम्जिता मुस्तफा नामक 35 वर्षीय महिला ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीडियो पोस्ट किया था। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद दीपक को ऑनलाइन ट्रोलिंग और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। पुलिस ने शिम्जिता को हिरासत में ले लिया है और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
घटना का पूरा विवरण: बस यात्रा से मौत तक
दीपक गोविंदपुरम इलाके के निवासी थे और एक टेक्सटाइल फर्म में सेल्स मैनेजर के रूप में काम करते थे। 16 जनवरी को वे कन्नूर काम के सिलसिले में बस से जा रहे थे। बस में भारी भीड़ होने के कारण धक्का-मुक्की हुई, जिसका वीडियो शिम्जिता ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाला। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि दीपक ने जानबूझकर उन्हें गलत तरीके से छुआ। यह वीडियो 2 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया, जिससे दीपक की जिंदगी उजड़ गई। परिवार के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद दीपक चुप-चुप रहने लगे, खाना-पीना छोड़ दिया और लगातार कहते रहे, “मैं बेकसूर हूं।” रविवार सुबह करीब 7 बजे माता-पिता ने दरवाजा तोड़कर उनका शव पंखे से लटका मिला। पोस्टमॉर्टम में आत्महत्या की पुष्टि हुई।
परिवार का दर्द: ‘सोशल मीडिया ने बेटे को मार डाला’
दीपक के परिवार ने आरोपों को झूठा बताया। मां कन्याका ने कहा, “बस में इतनी भीड़ थी कि संपर्क अनजाने में हुआ। वीडियो ने उसकी इज्जत मिट्टी में मिला दी। वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला था।” परिवार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत शिम्जिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुरुष अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी न्याय की मांग की, इसे ‘डिजिटल लिंचिंग’ करार दिया। टीवी कमेंटेटर राहुल ईश्वर ने टिप्पणी की कि यह घटना सोशल मीडिया ट्रायल के खतरे को दिखाती है।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी फरार थी, अब हिरासत में
कोझिकोड पुलिस ने शुरू में अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज किया। जांच में वीडियो का प्रभाव साफ हुआ, तो शिम्जिता पर गैर-जमानती धारा लगाई गई। बयान दर्ज कराने वडाकरा उसके घर पहुंची पुलिस के बाद वह फरार हो गई, लेकिन बाद में हिरासत में ले ली गई। पुलिस बस की भीड़, वीडियो सत्यता और मानसिक दबाव की जांच कर रही है। केरल मानवाधिकार आयोग ने भी रिपोर्ट मांगी है। शिम्जिता को IUML से जुड़ा बताया जा रहा है, जो विवाद बढ़ा रहा है।
सोशल मीडिया का काला चेहरा: समाज के लिए चेतावनी
यह मामला सोशल मीडिया के खतरों को उजागर करता है। बिना जांच के वायरल आरोप किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि कानून का रास्ता अपनाएं, न कि डिजिटल कोर्ट। दीपक की मौत ने केरल में बहस छेड़ दी है—क्या सख्त साइबर कानूनों की जरूरत है? परिवार न्याय की उम्मीद में है, जबकि जांच जारी है।
Keral – Piyush Dhar Diwedi



