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‘पुतिन-मोदी की मुलाकात से मिला दुनिया को बड़ा संदेश, भारत-रूस रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत’

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा ने राजधानी दिल्ली का माहौल पूरी तरह बदल दिया है। जैसे ही पुतिन का विमान गुरुवार रात दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर वार्तालाप की शुरुआत की, जो भारत-रूस के गहरे रिश्तों का प्रतीक है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन साथ में 7 लोक कल्याण मार्ग गए, जहां भारत और रूस के झंडों और खास लाइटिंग से सजा पीएम आवास में विशेष डिनर का आयोजन किया गया।

यह मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच पिछले साल जुलाई में मॉस्को में हुई बैठक के बाद फिर से रिश्तों की निरंतरता को दर्शाती है। पीएम मोदी ने पुतिन के आगमन पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरती रही है और दोनों देशों के लोगों के लिए हमेशा फायदेमंद रही है। दिल्ली एयरपोर्ट पर दोनों नेताओं की सहज मुस्कान और बातचीत ने भी उनकी व्यक्तिगत दोस्ती की मजबूती को सिद्ध किया।

इस शुक्रवार को 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जो दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्षों को पूरा करने के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण आयोजन होगा। इस बार की बैठक में कई अहम समझौतों और संयुक्त बयानों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद जताई जा रही है। रूसी मीडिया एजेंसी TASS के अनुसार, 10 से ज्यादा सरकारी समझौते और 15 से अधिक कारोबारी कॉन्ट्रैक्ट इस शिखर सम्मेलन में साइन किए जा सकते हैं।

आर्थिक भागीदारी पर विशेष ध्यान देने की योजना है। व्यापार घाटा जो बढ़ते रूसी तेल आयात के कारण बढ़ा है, उसे कम करने के लिए भारतीय निर्यात को रूस में बढ़ावा मिलेगा। फार्मा, ऑटोमोबाइल, कृषि और मरीन सेक्टरों में भी दोनों देशों की साझेदारी को मजबूती देने की तैयारी है। साथ ही, 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की संभावना भी बातचीत का अहम हिस्सा होगी।

इस द्विपक्षीय यात्रा का कूटनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इस मुलाकात को लेकर कहा है कि भारत और रूस ने साफ तौर पर यह संदेश दुनिया को दिया है कि दोनों देश अलग-थलग नहीं हैं। उन्होंने यह भी माना कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाये गए प्रतिबंध और दबाव दोनों देशों पर प्रभावी नहीं हो पाएंगे। यह टिप्पणी इस यात्रा की वैश्विक राजनीतिक महत्ता को रेखांकित करती है।

पुतिन की भारत यात्रा के दौरान आज राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद हैदराबाद हाउस में व्यापक वार्ताएं होंगी। वार्ताओं के बाद, दोनों देशों के बीच संयुक्त बयान जारी होने की संभावना है। शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ पुतिन की मुलाकात और बैंक्वेट के आयोजन के साथ यह महत्वपूर्ण यात्रा अपने निर्णायक चरण में प्रवेश करेगी।

दिल्ली शहर इस आयोजन को लेकर पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। प्रमुख मार्गों, तीन मूर्ति मार्ग, राजनयिक इलाकों और केंद्रीय दिल्ली के कई हिस्सों में विशेष सजावट की गई है। शहर भर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वागत में बोर्ड, फ्लेक्स और होर्डिंग्स लगे हैं, जिनके बीच भारतीय और रूसी राष्ट्रीय झंडे लहरा रहे हैं। इससे राजधानी का माहौल राजकीय मेजबानी में पूरी तरह रंगीन हो चुका है।

पुतिन-मोदी की इस मुलाकात से वैश्विक स्तर पर भी एक संदेश गया है, जिसमें दोनों देशों ने अपने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को दोहराया है। यह बैठक न केवल ऐतिहासिक होगी, बल्कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को भी नई दिशा देने का अवसर साबित होगी।

Correspondent – Shanwaz khan

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