मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मेयर बनेगी। पार्टी ने सीनियर कॉर्पोरेटर रितु तावड़े को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि महा विकास अघाड़ी के सहयोगी शिवसेना ने उपमहापौर पद के लिए संजय शंकर घाड़ी को नामित किया है। यह सियासी समीकरण मुंबई की राजनीति में नया दौर लाने वाला माना जा रहा है, खासकर BMC पर लंबे समय से शिवसेना के दबदबे के बाद।
BJP के लिए यह जीत संगठन की मजबूती का प्रतीक है। रितु तावड़े के नाम की घोषणा से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही मातोश्री में भी चर्चाएं तेज हो गईं। रितु ने कहा, “मुंबई का असली रंग भगवा है। मेरी जिम्मेदारी बढ़ गई है और मुंबईकरों की उम्मीदें मेरे कंधों पर हैं।” उन्होंने महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए पीएम मोदी के प्रोत्साहन का जिक्र किया।
कौन हैं रितु तावड़े? राजनीतिक सफर का नजरिया
रितु तावड़े का जन्म मराठा समुदाय में हुआ, लेकिन घाटकोपर के गुजराती बहुल इलाके में उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ बनाई। उनका राजनीतिक करियर 2012 में शुरू हुआ, जब उन्होंने वार्ड नंबर 127 से पहली बार BMC चुनाव जीता। 2017 में वार्ड 121 और 2025 में वार्ड 132 से लगातार तीसरी जीत हासिल की। इस दौरान वह BMC की शिक्षा समिति की अध्यक्ष रहीं, जहां उन्होंने स्कूलों की सुविधाओं और छात्रवृत्ति योजनाओं पर फोकस किया।
2012 से पहले रितु कांग्रेस में सक्रिय थीं, लेकिन विचारधारा के मतभेद से BJP में शामिल हो गईं। वर्तमान में वह महाराष्ट्र प्रदेश महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं। जमीनी मुद्दों पर उनकी सक्रियता—जैसे सड़क मरम्मत, जल निकासी और महिला सुरक्षा—ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। घाटकोपर जैसे व्यस्त इलाके में उन्होंने नागरिक शिकायतों का त्वरित समाधान करके विश्वास जीता।
अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख
एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में रितु ने अवैध बांग्लादेशियों को मुंबई की सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा, “बांग्लादेशी घुसपैठिए मुंबईकरों के हक पर डाका डाल रहे हैं। इन्हें हटाना जरूरी है ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार और संसाधन मिलें।” यह बयान BJP की ‘घर वापसी’ और नागरिकता नीति से मेल खाता है, जो महाराष्ट्र में उनकी छवि को मजबूत करेगा।
BMC में नया अध्याय
शिवसेना-भाजपा गठबंधन के तहत यह फैसला सत्ता संतुलन का हिस्सा है। रितु की नियुक्ति से BMC के निर्णय—बजट आवंटन, विकास परियोजनाएं और स्वास्थ्य सेवाएं—नई दिशा पा सकती हैं। विपक्ष इसे ‘भाजपा का दबदबा’ बता रहा है, जबकि समर्थक इसे ‘परिवर्तन की लहर’ कह रहे हैं। रितु का कार्यकाल मुंबई को ‘भगवा रंग’ देने का वादा लिए आगे बढ़ेगा। राजनीतिक जानकारों का अनुमान है कि यह BMC चुनावों से पहले BJP की रणनीति का हिस्सा है।
Correspondent – Shanwaz Khan



