बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों अयोध्या, मथुरा और वाराणसी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। तीनों जिलों में पुलिस पूरी सतर्कता के साथ तैनात है और जगह-जगह सघन चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
33 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था, तब से हर साल इसी दिन सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी रहता है। इस बार भी, वाराणसी, मथुरा और अयोध्या में पुलिस-प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
वाराणसी में डीसीपी क्राइम सरवनन ठगमणि ने बताया कि कमिश्नरेट समेत पूरे जोन में सभी स्टाफ हाई अलर्ट पर है। वाराणसी सिटी, रेलवे जंक्शन और बनारस रेलवे स्टेशन पर जांच बढ़ा दी गई है। 84 घाटों पर पुलिस की गश्ती दल तैनात हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

अस्सी घाट, नमो घाट और दशाश्वमेध घाट पर शाम की आरती के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। रेलवे स्टेशन की पार्किंग में बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड सक्रिय रहेंगे। बस अड्डों पर भी जांच जारी है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
मथुरा में भी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मुस्तैद है। एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने बताया कि बिना पहचान पत्र वाले या अनधिकृत लोगों की लगातार जांच हो रही है। पिछले वर्षों की तरह पर्याप्त फोर्स तैनात किया गया है। यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और स्कूल भी खुले हैं। इस बार किसी भी तरह का ट्रैफिक डायवर्जन लागू नहीं किया गया है।
अयोध्या में भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पुलिस की जांच और गश्त जारी है। उन्होंने कहा कि होटलों और धर्मशालाओं में ठहर रहे अतिथियों का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है, जिसे जांच के लिए अधिकारियों द्वारा देखा जाएगा। वाहन जांच नियमित रूप से की जा रही है, वहीं भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस बार भी सख्त निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और श्रद्धालु शांति से अपने धार्मिक कर्तव्य निर्वहन कर सकें। कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्कता के साथ तैनात है।
Uttar Pradesh / Piyush Dhar Diwedi



