प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय की देर रात तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लंबे धरने और भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत खराब बताई जा रही है। इस घटना ने प्रदर्शनकारियों में रोष बढ़ा दिया है। UPPSC गेट नंबर 2 पर भारी पुलिस बल तैनात है, जिसमें RAF जवान और ड्रोन निगरानी शामिल है।
सोमवार (15 दिसंबर 2025) को संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच ने 11 बजे से नया प्रदर्शन घोषित किया था। हालांकि, सुबह तक बड़ी संख्या में छात्र नहीं पहुंचे। मंच के संयोजक पंकज पांडेय ने नेतृत्व संभाला है। उन्होंने कहा, “आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। राजनीति या हिंसा हुई तो स्थगित कर देंगे।” छात्रों का मानना है कि परीक्षाएं चल रही हैं, जो खत्म होने पर संख्या बढ़ेगी। पुलिस अलर्ट पर है, इलाके की निगरानी हो रही है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रतियोगी छात्र PCS 2024 प्रारंभिक और RO/ARO 2023 परीक्षाओं पर सवाल उठा रहे हैं:
- भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता।
- संशोधित आंसर की तुरंत जारी करना।
- सभी वर्गों का कटऑफ और अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक।
- प्री परीक्षा में 15 गुना अभ्यर्थी सफल घोषित करने की नीति।
आयोग पर आरोप है कि अंतिम परिणाम आने के बाद भी आंसर की और अंक सार्वजनिक नहीं किए गए। छात्रों का कहना है कि बिना पारदर्शिता के चयन प्रक्रिया संदिग्ध है।
आशुतोष की तबीयत पर डॉक्टर निगरानी रख रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। UPPSC ने अभी कोई बयान नहीं दिया। यह आंदोलन राज्य स्तर पर परीक्षा सुधारों को मजबूर कर सकता है। छात्र एकजुट होकर मांगें मनवाने को तैयार हैं।
Correspondent – Shanwaz khan



