उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) के हेलीकॉप्टर में रविवार दोपहर तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। टिहरी झील महोत्सव से लौटकर गैरसैंण जा रहे राज्यपाल के चॉपर को पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर में जीवीके हेलीपैड पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। पायलट की फुर्ती और साहस से बड़ा हादसा टल गया। राज्यपाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल श्रीनगर पुलिस गेस्ट हाउस में आराम कर रहे हैं।
उड़ान के तुरंत बाद अलर्ट, त्वरित निर्णय
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे टिहरी से उड़ान भरते ही पायलट को हेलीकॉप्टर के सिस्टम में गड़बड़ी का संकेत मिला। इंजन या हाइड्रोलिक सिस्टम में समस्या आने की आशंका थी। स्थिति बिगड़ने से पहले पायलट ने नजदीकी सुरक्षित हेलीपैड की तलाश की और श्रीनगर के जीवीके हेलीपैड पर चॉपर उतार दिया। लैंडिंग सहज रही, कोई नुकसान नहीं हुआ। राज्यपाल के साथ स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी सवार थे, सभी ठीक हैं।
प्रशासन सतर्क, विशेषज्ञ टीम जांच में
इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीएम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कोतवाली इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने पुष्टि की कि राज्यपाल सुरक्षित हैं। हेलीकॉप्टर को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम तकनीकी खराबी की बारीकी से जांच कर रही है। क्लीयरेंस मिलने के बाद ही अगली उड़ान संभव होगी। यदि समस्या गंभीर हुई तो राज्यपाल को सड़क मार्ग या वैकल्पिक चॉपर से गैरसैंण भेजा जा सकता है।
हाल के हेलीकॉप्टर हादसों की याद
यह घटना उत्तर प्रदेश डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कौशांबी हेली इमरजेंसी लैंडिंग से महज 24 घंटे बाद हुई। पहाड़ी इलाकों में मौसम परिवर्तन और पुराने हेलीकॉप्टरों की मेंटेनेंस चुनौती बनी हुई है। राज्यपाल गुरमीत सिंह पूर्व सेना प्रमुख रह चुके हैं, उनकी सूझबूझ ने स्थिति संभाली। टिहरी महोत्सव में शामिल होने के बाद गैरसैंण विधानसभा सत्र के लिए जा रहे थे।
सुरक्षा उपाय और भविष्य की योजना
प्रशासन ने हेली सेवाओं की सुरक्षा जांच तेज कर दी है। राज्यपाल ने अधिकारियों से बात की और स्थिति सामान्य बताई। यह पहाड़ी क्षेत्रों में विमानन सुरक्षा पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित सर्विसिंग और मौसम रडार जरूरी। राज्यपाल का गैरसैंण दौरा बजट सत्र से जुड़ा है, जहां विधायी कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित होगी। घटना से कोई राजनीतिक रंग नहीं, सभी ने राहत की सांस ली।
पायलट और क्रू को सराहा जा रहा है। यह घटना विमानन सुरक्षा पर ध्यान दिलाती है।
Uttrakhand – Piyush Dhar Diwedi



