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वी.के. शशिकला का धमाका: तमिलनाडु चुनाव से पहले नई पार्टी ‘अखिल भारतीय पुरッチ थलैवर मक्कल मुननेत्र कझगम’ लॉन्च, AIADMK को चुनौती!

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चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल आ गया है। पूर्व AIADMK नेता वी.के. शशिकला ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले अपनी नई पार्टी ‘अखिल भारतीय पुरッチ थलैवर मक्कल मुननेत्र कझगम’ (All India Puratchi Thalaivar Makkal Munnetra Kazhagam) की आधिकारिक घोषणा कर दी। पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘नारियल का बाग’ (तेंनैंथोप्पू) होगा, जो एकता का प्रतीक है। यह कदम जयललिता की 78वीं जयंती (24 फरवरी 2026) पर रामनाथपुरम जिले के कामुथी (एस्कामुदी) में आयोजित कार्यक्रम में उठाया गया, जहां शशिकला ने काले, सफेद और लाल रंगों वाला झंडा लॉन्च किया। झंडे पर अन्ना (सी.एन. अन्नादुराई), एमजीआर और जयललिता की तस्वीरें हैं।​

शशिकला, जो जयललिता की सबसे करीबी सहयोगी रहीं, ने कहा, “यह पार्टी अन्ना, एमजीआर और अम्मा (जयललिता) के द्रविड़ मार्ग पर चलेगी। गरीबों-उपेक्षितों की आवाज बनेंगे, गद्दारों-दुश्मनों को उखाड़ फेंकेंगे।” उन्होंने पूर्व सीएम एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा, जिन्हें उन्होंने ‘गद्दार’ कहा। शशिकला की नजरें दक्षिण तमिलनाडु के थेवर (मुकुलाथोर) समुदाय के वोटबैंक पर हैं। पार्टी तमिलनाडु के 40 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, साथ ही पुडुचेरी में भी। हालांकि, असमान संपत्ति मामले में दोषी होने से 2027 तक वे खुद चुनाव नहीं लड़ सकेंगी।

यह फैसला AIADMK के आंतरिक कलह की देन है। 2016 में जयललिता के निधन के बाद शशिकला को कार्यकारी महासचिव बनाया गया। लेकिन 2017 में असमान संपत्ति मामले में 4 साल की सजा हुई, जेल गईं। तब EPS और ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) ने गठजोड़ कर शशिकला को बाहर किया। 2022 में EPS को महासचिव बनाया गया, OPS को भी निकाल दिया। AIADMK ने साफ कहा- शशिकला या OPS को वापसी नहीं। शशिकला की कई सुलह प्रयास नाकाम रहे। हाल ही OPS ने DMK का दामन थाम लिया। अब शशिकला की एंट्री से AIADMK का वोटबैंक (विशेषकर जयललिता समर्थक) बंट सकता है।

तमिलनाडु 2026 चुनाव में DMK (मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में) मजबूत है, NDA (BJP-AIADMK?) गठबंधन बन रहा। शशिकला NDA से कुछ सीटें मांग सकती हैं, वरना स्वतंत्र लड़ेगी। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं, “शशिकला का ठेवर समुदाय (15-20% वोट) AIADMK को नुकसान पहुंचा सकता है। दक्षिणी जिलों (रामनाथपुरम, तिरुनेलवेली) में उलटफेर संभव।” पार्टी का नामवी.के. शशिकला का नया राजनीतिक दांव: तमिलनाडु चुनाव से पहले लॉन्च की नई पार्टी, AIADMK को चुनौती!

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल आ गया है। पूर्व AIADMK नेता वी.के. शशिकला ने आधिकारिक तौर पर अपनी नई पार्टी ‘अखिल भारतीय पुरッチ थलैवर मakkal मुननेत्र कझगम’ (All India Puratchi Thalaivar Makkal Munnetra Kazhagam – AIPTMK) की घोषणा कर दी। पार्टी का चुनाव चिह्न ‘नारियल का बागान’ (coconut grove) होगा, जो एकता का प्रतीक माना जा रहा है। यह कदम 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उठाया गया है, जो AIADMK के पारंपरिक वोटबैंक को बांट सकता है।

शशिकला ने 24 फरवरी 2026 को रामनाथपुरम जिले के कामुथी (ईस्कामुदी के पास) में जयललिता की 78वीं जयंती पर पार्टी का झंडा लॉन्च किया। झंडे में काले, सफेद और लाल रंग हैं, साथ ही अन्ना (सी.एन. अन्नादुराई), एमजीआर (एम.जी. रामचंद्रन) और जयललिता की तस्वीरें हैं। उन्होंने कहा, “यह द्रविड़ियन पार्टी अन्ना, एमजीआर और अम्मा के सिद्धांतों पर चलेगी। गरीबों-वंचितों के हितों की रक्षा करेगी और गद्दारों-दुश्मनों को उखाड़ फेंकेगी।” पार्टी तमिलनाडु और पुडुचेरी में कम से कम 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।​

AIADMK से निष्कासन की पृष्ठभूमि

जयललिता के 2016 में निधन के बाद शशिकला AIADMK की ताकतवर नेता बनीं। उन्होंने एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) को मुख्यमंत्री बनाया। लेकिन 2017 में असमान संपत्ति मामले में CBI कोर्ट ने उन्हें 4 साल की सजा सुनाई, जेल भेज दिया। इस दौरान OPS (ओ. पन्नीरसेल्वम) ने विद्रोह किया। जेल से रिहा होने पर शशिकला ने पार्टी पर कब्जा की कोशिश की, लेकिन EPS-OPS ने गठजोड़ कर उन्हें 2017 में निष्कासित कर दिया। 2022 में EPS महासचिव बने, OPS को भी बाहर किया। पार्टी ने साफ कहा- शशिकला या OPS को वापसी नहीं। शशिकला ने EPS को ‘गद्दार’ कहा।

नई पार्टी से नए समीकरण

शशिकला मुकुलाथोर (थेवर) समुदाय से हैं, जो दक्षिण तमिलनाडु में प्रभावशाली है। उनकी पार्टी AIADMK के वोट (2021 में 39%) चुरा सकती है। DMK (सत्ताधारी) और NDA (AIADMK-BJP) दोनों पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है, यह मल्टी-कॉर्नर कांटेस्ट बनेगा। शशिकला गठबंधन पर खुली हैं, लेकिन EPS पर हमला जारी रखेंगी। OPS ने DMK जॉइन किया, जो अलग ट्विस्ट है।

चुनावी रणनीति और चुनौतियां

शशिकला खुद 2027 तक चुनाव नहीं लड़ सकतीं (DA केस के कारण अयोग्य)। वे समर्थकों को टिकट देकर प्रभाव बनाएंगी। दक्षिणी जिलों (रामनाथपुरम, शिवगंगा) पर फोकस। पार्टी का नाम ‘पुरッチ थलैवर’ (जयललिता का खिताब) AIADMK से जुड़ाव दिखाता है। लेकिन संगठन नेटवर्क कमजोर, फंडिंग चुनौती। 2026 चुनाव NDA vs INDIA vs नई ताकतें होंगे।​

शशिकला की वापसी तमिलनाडु को बहुदलीय युग में ले जा सकती है। क्या वे जयललिता की विरासत दोहरा पाएंगी? नतीजे बताएंगे।

Correspondent – Shanwaz Khan

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