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बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा: ढाका से चटगांव तक बवाल, भारत ने जारी की एडवाइजरी

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ढाका: बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में हिंसा भड़क उठी है। विपक्ष समर्थक समूहों और छात्र संगठनों ने ढाका से लेकर चटगांव तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी दफ्तरों, मीडिया संस्थानों और आवामी लीग के दफ्तरों में तोड़फोड़ की है। हिंसा की तीव्रता को देखते हुए भारत ने एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।


कौन था शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के नलचिटी गांव का रहने वाला एक प्रमुख राजनीतिक और छात्र नेता था। वह दक्षिणपंथी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ का राष्ट्रीय प्रवक्ता था और जुलाई-अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के दौरान उभरा था। इस आंदोलन ने बांग्लादेश में सत्ता-विरोधी लहर को जन्म दिया था और हादी उसी से चर्चित हुआ। अपने भाषणों और लेखन के जरिए उसने युवाओं को संगठित किया, जिसके चलते सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने वालों में उसका नाम प्रमुख बन गया।


हादी की मौत कैसे हुई?

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, 12 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद शरीफ उस्मान हादी अपने साथी मोहम्मद रफी के साथ हाईकोर्ट इलाके की ओर जा रहा था। बिजयनगर इलाके में मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने उसके ऊपर गोलियां चला दीं और मौके से फरार हो गए। हादी को गंभीर हालत में पहले ढाका और फिर सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां छह दिन इलाज के बाद 18 दिसंबर की रात उनकी मौत हो गई।


हिंसा कैसे भड़की?

हादी की मौत की खबर जैसे ही बांग्लादेश पहुंची, पूरे देश में विरोध की लहर दौड़ गई। ढाका, राजशाही, सिलहट, नारायणगंज, चटगांव और खुलना में लोगों ने सड़कों पर उतरकर हादी की हत्या की कड़ी निंदा की। समर्थकों ने सरकार पर सुरक्षा में नाकामी के आरोप लगाए और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

भीड़ उग्र होती चली गई और शाहबाग चौराहे को पूरी तरह जाम कर दिया गया। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गए। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं।


तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं

हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने दो प्रमुख न्यूज चैनलों के कार्यालयों, आवामी लीग के केंद्रीय दफ्तर और शेख मुजीबुर्रहमान के ऐतिहासिक आवास को नुकसान पहुंचाया। ढाका से अन्य शहरों को जोड़ने वाले राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया गया। चटगांव में प्रदर्शनकारियों ने एक पूर्व मंत्री के घर पर हमला किया, जबकि बंगाली सांस्कृतिक संस्थान ‘छायानाट’ को भी निशाना बनाया गया।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और कई प्रमुख इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं।


शव की वापसी और अंतिम संस्कार

‘इंकलाब मंच’ के अनुसार, शरीफ उस्मान हादी का शव शुक्रवार दोपहर 3:50 बजे सिंगापुर से रवाना होगा और शाम 6:00 बजे ढाका पहुंचेगा। शनिवार को जोहर की नमाज (दोपहर की नमाज) के बाद मानिक मियां एवेन्यू में उनका जनाज़ा पढ़ा जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में देशभर से हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।


हत्यारे कौन हैं?

ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, बांग्लादेश पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने हादी की हत्या में शामिल प्रमुख आरोपी की पहचान फैसल करीम मसूद के रूप में की है। उसके साथी आलमगीर शेख ने हत्या के दौरान मोटरसाइकिल चलाई थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों आरोपी गोलीबारी के बाद अवैध रूप से सीमा पार करके भारत भाग गए हैं।


अब तक कितनी गिरफ्तारियां?

अब तक कानून प्रवर्तन एजेंसियां हत्याकांड से जुड़े 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। इनमें आरोपी फैसल का पिता मोहम्मद हुमायूं कबीर (70), मां मूसा हासी बेगम (60), पत्नी शहीदा परवीन सामिया, बहनोई वाहिद अहमद सिपु और कथित प्रेमिका मारिया अख्तर शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश किसने रची और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी।


भारत ने जारी की एडवाइजरी

बांग्लादेश में हिंसा के बढ़ते हालात को देखते हुए भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) ने शुक्रवार सुबह एक एडवाइजरी जारी की। इसमें बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिकों, छात्रों और व्यापारियों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सार्वजनिक स्थलों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि ढाका सहित कई इलाकों में हालात अस्थिर हैं और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक हेल्पलाइन के जरिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं।


माहौल तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण के प्रयास

बांग्लादेश सरकार ने सैनिक बलों को अलर्ट पर रखा है और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई तेज की है। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने विपक्षी गुटों से “शांति बनाए रखने” की अपील की है, जबकि राष्ट्रपति यूनुस ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।

फिलहाल ढाका और कई जिलों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। लेकिन प्रशासन का दावा है कि हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे।

Correspondent – Shanwaz khan

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