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‘महिला आयोग को क्या समझ रखा है…’ KGMU धर्मांतरण केस पर अपर्णा यादव का प्रबंधन पर बड़ा हमला

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उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में धर्मांतरण और उत्पीड़न के कथित मामले को लेकर तीखी नाराजगी जताते हुए सुर्खियों में हैं। वह शुक्रवार को केजीएमयू की कुलपति से मुलाकात के लिए पहुंचीं, लेकिन उनका आरोप है कि उनसे मिलने न तो कुलपति आईं और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी सामने आया, जिससे वह भड़क गईं। प्रेस वार्ता में उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर महिला आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को केजीएमयू प्रशासन ने क्या समझ रखा है और क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है।

अपर्णा यादव के मुताबिक वह धर्मांतरण के कथित मामले की जानकारी लेने और पीड़िता से मिली शिकायत के बिंदुओं पर संस्थान के पक्ष को सुनने पहुंची थीं। उनका कहना है कि पीड़िता ने उन्हें बताया था कि केजीएमयू के संबंधित विभाग के एचओडी के संज्ञान में मामला लाने के बावजूद उसकी बात पर कोई गंभीर सुनवाई नहीं हुई। अपर्णा ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के एक सीनियर डॉक्टर ने पीड़िता से पूछा कि वह महिला आयोग के पास शिकायत लेकर क्यों पहुंची, जिससे पीड़िता पर दबाव बनाने की कोशिश साफ झलकती है।

उन्होंने केजीएमयू की आंतरिक विशाखा कमेटी की रिपोर्ट पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। अपर्णा का आरोप है कि जिन लोगों के बयान इस समिति के सामने दर्ज किए गए, उनके बयान बदलवाने की कोशिश की गई और रिपोर्ट को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने पूछा कि क्या महिला आयोग संवैधानिक संस्था नहीं है, जिसकी टिप्पणियों और नोटिस को इस तरह अनदेखा किया जा सके। अपर्णा का कहना था कि यदि वीसी या कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे बात कर लेते, तो कई बातें स्पष्ट हो सकती थीं और शायद उन्हें मीडिया के सामने आकर इतनी कड़ी प्रतिक्रिया देने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने केजीएमयू में महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल वातावरण पर भी गंभीर चिंता जताई। उनका आरोप है कि संस्थान में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं और प्रशासन मौन साधे बैठा है। उन्होंने यह दावा भी किया कि केजीएमयू में पिछले दो साल से बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक चलाए जाने की बात सामने आई है, जो गंभीर लापरवाही का संकेत है। अपर्णा ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाते हैं और कानून के अनुरूप कार्रवाई होगी, वहीं उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भी उम्मीद जताई कि यदि उन्हें इस पूरे प्रकरण की जानकारी मिलेगी तो वह इसे गंभीरता से लेंगी और जिम्मेदारों पर सवाल पूछेंगी।

Correspondent – Shanwaz Khan

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